जयपुर | बिड़ला सभागार में आयोजित अखिल भारतीय रैगर महासभा के प्रतिनिधि सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महिला, गरीब, किसान और युवा जैसे वर्गों के उत्थान के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार समाज के हर तबके के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है और इसका परिणाम है कि हर वर्ग में समान गति से विकास हो रहा है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने रैगर समाज के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की और घोषणा की कि संत आत्माराम लक्ष्य के विचारों और कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उनका पैनोरमा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को प्रेरणा देगी और उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में अग्रसर करेगी।
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि पंचतीर्थ के रूप में उनके जीवन से जुड़े स्थलों को विकसित कर नई पीढ़ी को उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को इन तीर्थ स्थलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष योजना भी संचालित कर रही है।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है और 26 हजार से अधिक आवासीय पट्टे जारी किए गए हैं। साथ ही, पालनहार योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे प्रयासों से वंचित वर्गों को संबल प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय के अंतर्गत अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल स्टडीज एंड रिसर्च की शुरुआत भी की गई है, जो संवैधानिक ज्ञान के प्रसार का माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे बाबा साहब अंबेडकर के दिखाए मार्ग पर चलते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम में दिल्ली के सांसद योगेंद्र चांदोलिया, विधायक रामसहाय वर्मा, महासभा अध्यक्ष बी.एल. नवल समेत देशभर से आए समाज प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










