Rajasthan का सबसे बड़ा घूमर उत्सव : 6,000 महिलाओं ने रचा इतिहास, घूमर महोत्सव दर्ज हुआ रिकॉर्ड में

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राजस्थान में पहली बार राज्य स्तरीय घूमर महोत्सव
7 संभागों में एक साथ 6,000 महिलाओं ने किया भव्य प्रदर्शन

जयपुर, 19 नवंबर। राजस्थान की पारंपरिक लोक-संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय घूमर महोत्सव बुधवार को राजस्थान के सातों संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ भव्य रूप में संपन्न हुआ। उपमुख्यमंत्री तथा पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी की पहल पर आयोजित इस महोत्सव को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिसमें करीब 6,000 महिलाओं और युवतियों ने एक साथ घूमर नृत्य कर इतिहास रचा।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया शुभारंभ
नगाड़ा बजाकर जयपुर से दिया सांस्कृतिक उत्सव को नया आयाम

जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने नगाड़ा बजाकर किया। उन्होंने जयपुर सांसद मंजू शर्मा और अन्य गणमान्य महिलाओं के साथ सांकेतिक रूप से घूमर नृत्य कर न केवल इस कला की भव्यता को रेखांकित किया, बल्कि उपस्थित महिलाओं और बेटियों का उत्साह भी बढ़ाया। महोत्सव के दौरान घूमर की प्राचीन शैली “एक बार हो पिया जयपुर शहर पधार जो…” पर विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को राजस्थान की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ दिया।

दिया कुमारी ने कहा कि समय आ गया है जब राजस्थान की लोककलाओं को नएपन और जन सहभागिता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने घोषणा की कि घूमर महोत्सव को हर वर्ष बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कैलेंडर में शामिल किए जाने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।

कार्यक्रम में स्व. पद्मश्री राजमाता गोवर्धन कुमारी को विशेष श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किया गया।

जयपुर में उमड़ा जनसैलाब
विद्याधर नगर स्टेडियम में दोपहर से ही महिलाओं और युवतियों का जमावड़ा शुरू हो गया। रंग-बिरंगी राजस्थानी वेशभूषाओं ने पूरे परिसर को उत्सव स्थल में बदल दिया। कई स्थानों पर महिलाएं नृत्य अभ्यास करती और सेल्फी लेते हुए नजर आईं।

लोकनृत्य, तलवारबाजी और सुरक्षा बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का आरंभ गणगौर डांस अकादमी की पारंपरिक प्रस्तुति “लंजो… म्हारौ आलाजी लेता आइजो…” से हुआ। इसके बाद जलाल-बिलाला शैली में विरह आधारित लोकनृत्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। तलवारीबाजी संघ की बच्चियों ने आत्मरक्षा के करतब दिखाए, जबकि CRPF बैंड ने अपनी आकर्षक धुनों से माहौल को ऊर्जा से भर दिया।

पुरस्कार और सम्मान
जयपुर और जोधपुर में 1,500 से अधिक पंजीकरण प्राप्त होने पर इन्हें उच्च श्रेणी पुरस्कार श्रेणी में शामिल किया गया। दोनों संभागों में बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी के लिए कुल ₹2,34,000 की धनराशि वितरित की गई। अन्य पाँच संभागों के लिए कुल ₹1,04,000 के पुरस्कार प्रदान किए गए।

महोत्सव में जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, पर्यटन विभाग के प्रमुख शासन सचिव राजेश यादव, पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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