इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फ़ेयर 2025 में राजस्थान को गोल्ड मेडल — कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व का परिणाम

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पार्टनर स्टेट के रूप में चमका राजस्थान पवेलियन | रिकॉर्ड बिक्री से हस्तशिल्प उद्यमियों में उत्साह | ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर असम-राजस्थान सांस्कृतिक एकीकरण आकर्षण का केंद्र

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 44वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (IITF) 2025 के समापन समारोह में राजस्थान पवेलियन को उसके उत्कृष्ट, नवाचार-आधारित और अनुभव-केंद्रित प्रस्तुतीकरण के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विज़न का परिणाम है।

पार्टनर स्टेट के रूप में आगंतुकों की पहली पसंद बना राजस्थान पवेलियन

राजस्थान इस बार पार्टनर स्टेट के रूप में शामिल हुआ और अपने सजीव प्रदर्शन, विविध सांस्कृतिक धरोहर, हस्तशिल्प, कला, टेक्सटाइल, वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-प्रोडक्ट (ODOP) प्रदर्शनी और नवोन्मेषी प्रस्तुति के चलते पूरे मेले में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा।
आगंतुकों की भारी संख्या और रिकॉर्ड बिक्री ने राज्य के हस्तशिल्प उद्यमियों, कारीगरों और शिल्पकारों में उत्साह भर दिया।

उद्योग मंत्री का नेतृत्व और विभागों की संयुक्त सहभागिता

कर्नल राठौड़ के नेतृत्व में उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग, रीको, राजस्थली एम्पोरियम, बीआईपी, खादी, राजीविका, और रूडा की संयुक्त सहभागिता से राजस्थान पवेलियन को भव्य और आधुनिक स्वरूप दिया गया।
विशेष रूप से राजस्थली एम्पोरियम द्वारा बनाई गई ODOP वॉल में राज्य के 41 जिलों के उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन रहा, जिसने देश-विदेश से आए आगंतुकों को राजस्थान की कौशल-समृद्ध विरासत से परिचित कराया।

असम-राजस्थान सांस्कृतिक एकीकरण—विशेष आकर्षण

इस वर्ष ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम के तहत राजस्थान और असम के सांस्कृतिक समन्वय को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इस पहल ने—

  • दोनों राज्यों की कला और संस्कृति,

  • व्यापारिक संभावनाएं,

  • कारीगरों के कौशल आदान-प्रदान,

  • और द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों

को एक नई दिशा दी है।

राजस्थान के लिए गौरव और भविष्य के लिए नई संभावनाएं

स्वर्ण पदक मिलने से न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिली है, बल्कि हस्तशिल्प, कला, टेक्सटाइल, ब्लू पॉटरी, जूतियां, गोटा-पट्टी, वुड क्राफ्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान भी प्राप्त हुई है।
प्रवासी राजस्थानी दिवस पर भी ODOP के विशेष प्रदर्शन को शामिल करने की तैयारी मुख्यमंत्री के निर्देश पर की जा रही है।

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