जयपुर, 30 दिसम्बर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के पर्यावरण, तकनीक, औद्योगिक निवेश, प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। बैठक में राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान एआई–एमएल पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025, राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत, नई सेवा नियमावली और विशेष भत्तों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
अब प्रदेश में नहीं चलेंगी 15 साल पुरानी गाड़ियां
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 के तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी वाहन, अपंजीकृत, अनफिट, दुर्घटनाग्रस्त एवं प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। राज्य में रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) के माध्यम से वाहनों की स्क्रैपिंग पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और ट्रेस योग्य होगी। स्क्रैप कराने पर वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (COD) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (CVS) मिलेगा, जिसके आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक, अधिकतम एक लाख रुपये की छूट दी जाएगी। इस नीति से सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सस्ती कच्ची सामग्री उपलब्ध होगी।
राजस्थान बनेगा AI और ML में निवेश व नवाचार का केंद्र
कैबिनेट ने राजस्थान एआई–एमएल पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी है। डॉ. बैरवा ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के जिम्मेदार, नैतिक और सुरक्षित उपयोग के जरिए सार्वजनिक सेवा वितरण को तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है। नीति के तहत डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और एआई में पक्षपात को कम करने पर विशेष फोकस रहेगा। प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ युवाओं, शिक्षकों और सरकारी कार्मिकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को एआई आधारित नवाचार के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
ग्रीन क्रेडिट वाउचर से हरित और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और सस्टेनेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर निवेश करने वाले उद्यमों और शहरी निकायों को ट्रेडेबल और रिडीमेबल ग्रीन क्रेडिट वाउचर मिलेंगे। एक करोड़ रुपये तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत तक, अधिकतम 2.50 करोड़ रुपये मूल्य के वाउचर जारी किए जाएंगे।
राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पचपदरा में निर्माणाधीन 9 एमएमटीपीए क्षमता की रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना अब पूर्णता की ओर है। परियोजना की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इसमें ऋण-इक्विटी अनुपात 2:1 रहेगा और राज्य सरकार की 26 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के तहत अतिरिक्त अंश पूंजी का भुगतान किया जाएगा।
सेवा नियम, सुरक्षा और वित्तीय अनुशंसाओं पर भी फैसले
कैबिनेट ने राजस्थान राजस्व लेखा (राज्य एवं अधीनस्थ) सेवा नियम-2025, राजस्थान विधानसभा सचिवालय सेवा नियमों में संशोधन, स्पेशल सिक्योरिटी विंग के कार्मिकों का विशेष भत्ता 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने और सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट को भी मंजूरी दी। इन निर्णयों से प्रशासनिक दक्षता, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, मंत्रिमंडल के ये फैसले राजस्थान को पर्यावरण-संवेदनशील, तकनीक-समर्थ और निवेश-अनुकूल राज्य के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।










