जयपुर, 24 नवंबर। झालावाड़ जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। भवानीमंडी थाना पुलिस ने तीन ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी बनकर आमजन पर रौब झाड़ रहे थे। आरोपी अपनी निजी अर्टिगा कार पर लाल-नीली बत्ती लगाकर घूम रहे थे और खुद को मध्य प्रदेश पुलिस का ट्रैफिक इंचार्ज और स्टाफ बताकर लोगों को गुमराह कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर गश्त के दौरान जयपुरिया मिल, भवानीमंडी के पास संदिग्ध सफेद अर्टिगा कार (MP 13 ZN 4823) को रोका गया। कार पर लगी लाल-नीली बत्ती और अंदर बैठे लोगों के व्यवहार ने पुलिस को शक में डाल दिया। पूछताछ में चालक बंटी उर्फ रवि ने खुद को एमपी पुलिस का ट्रैफिक इंचार्ज बताया, जबकि साथ में अभिषेक और सुनील को स्टाफ बताया। पुलिस द्वारा पहचान पत्र और बत्ती का वैध अनुज्ञापत्र मांगे जाने पर वे कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके और घबरा गए।
कड़ाई से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि आरोपी बंटी ने अपनी रिश्तेदारी में हुई शादी में रौब जमाने के लिए कार पर लाल-नीली बत्ती लगाई थी और पुलिस अधिकारी बनकर इठलाता फिर रहा था। बिना अनुमति बत्ती लगाकर खुद को अधिकारी दिखाना एवं लोगों को भ्रमित करना गंभीर अपराध है, जिसके तहत तीनों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
थानाधिकारी रमेशचंद मीणा के नेतृत्व में टीम ने तीनों फर्जी पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर लाल-नीली बत्ती लगी अर्टिगा कार को सीज कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
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बंटी उर्फ रवि बैरवा (37) निवासी माधव नगर, उज्जैन (एमपी)
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अभिषेक बैरवा (22) निवासी मंगलापुरी, थाना पालम, नई दिल्ली
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सुनील तोमर (36) निवासी पंवासा, उज्जैन (एमपी)
पुलिस अब आरोपियों से यह भी जांच कर रही है कि उन्होंने इस पहचान का इस्तेमाल कहीं और गलत तरीके से तो नहीं किया। मामले में आगे की पूछताछ जारी है।










