RAJASTHAN BUDGET 2026-27 : ‘बिना घी का चूरमा’ या सियासी मास्टरस्ट्रोक? 323 करोड़ के ‘जादुई पिटारे’ से हर घर तक संदेश

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राजस्थान के बजट 2026-27 में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 323 करोड़ रुपये के ‘जादुई पिटारे’ के जरिए एक ऐसी राजनीतिक रणनीति पेश की है, जो कम खर्च में व्यापक असर छोड़ने की कोशिश करती दिखती है। खेल किट के साथ स्कूली बच्चों को ‘जादुई पिटारा’ देने की घोषणा ने बजट को प्रतीकात्मक रूप से जनचर्चा का विषय बना दिया है। यह योजना सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तर पर संदेश देती है कि सरकार सीधे परिवारों और बच्चों तक पहुंच बनाना चाहती है। हालांकि इसकी वास्तविक उपयोगिता और प्रभाव का आकलन जमीनी क्रियान्वयन के बाद ही संभव होगा।

भर्तियों पर सस्पेंस, जवाब एप्रोपिएशन बिल में?

बजट के बाद सबसे बड़ा सवाल एक लाख भर्तियों की घोषणा को लेकर उठा। राजनीतिक संकेत यह बताते हैं कि यह घोषणा संभवत: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के लिए सुरक्षित रखी गई है। एप्रोपिएशन बिल की बहस के दौरान बड़ी घोषणाएं करने का पूर्व ट्रेंड रहा है, ऐसे में इसे ‘मिनी बजट मोमेंट’ माना जा रहा है।

कर्मचारियों और आश्रितों के लिए राहत

वित्त मंत्री ने 8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी बनाने का ऐलान किया। सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति देने और सेवा के दौरान स्थायी दिव्यांग होने पर आश्रित को नौकरी देने का प्रावधान प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा कर्मियों की भर्ती और नई जल नीति की घोषणा भी की गई।

गांव-गांव जल, शहरों में सिग्नल फ्री मिशन

करीब 6500 गांवों को ‘हर घर नल-हर घर जल’ से जोड़ने की योजना और सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल फ्री करने का लक्ष्य शहरी-ग्रामीण दोनों क्षेत्रों पर फोकस दर्शाता है। 1800 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें और ब्रिज, 15 नए रेलवे ओवरब्रिज/अंडरब्रिज और 4 जिलों में एयरपोर्ट सर्वे की घोषणा की गई है। सीकर और झुंझुनूं के लिए भी एयरपोर्ट सर्वे प्रस्तावित है।

युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए पैकेज

30 हजार युवाओं को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना में ऋण सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख करना, झींगा पालन करने वालों को सस्ती बिजली और दूसरे राज्यों से वाहन खरीद पर टैक्स छूट—ये सभी घोषणाएं अलग-अलग वर्गों को साधने की कोशिश के रूप में देखी जा रही हैं।

सैनिकों और विरासत पर विशेष फोकस

जोधपुर, शेरगढ़, टोंक, फलोदी, खैरथल, ब्यावर, झुंझुनूं और श्रीगंगानगर में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स और वॉर म्यूजियम की स्थापना का प्रस्ताव है। पहले चरण में चार जिलों में 36 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण होगा। 8 जिलों में 3000 करोड़ रुपये से मिनी सचिवालय बनाए जाएंगे।

मेगा प्रोजेक्ट्स: यमुना जल से सोलर पार्क तक

शेखावाटी क्षेत्र के लिए 32 हजार करोड़ रुपये की यमुना जल परियोजना शुरू करने की घोषणा की गई। बीकानेर में 4830 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क 2900 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा। पश्चिमी राजस्थान में थार सांस्कृतिक सर्किट और अरावली पर्वतमाला में 130 करोड़ रुपये से 4 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पक्की दीवार निर्माण की योजना भी शामिल है।

करीब 2 घंटे 54 मिनट के बजट भाषण में पेश की गई घोषणाएं यह संकेत देती हैं कि सरकार ने सीमित वित्तीय दबाव के बीच अधिकतम राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव का संतुलन साधने की कोशिश की है। अब निगाहें इस पर होंगी कि ‘जादुई पिटारा’ कागज से निकलकर जमीन पर कितनी मिठास घोल पाता है।

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