( रामगोपाल सिंह उईके / उजला दर्पण )
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर के सुपुत्र और युवा समाजसेवी राजा चौरसिया ने भारत रत्न रतन टाटा जी को अपनी आत्मीय श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत यात्रा का संकल्प लिया है। इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत उन्होंने अपने नगर जबलपुर (संस्कारधानी) से करते हुए आज पावन ओंकारेश्वर धाम पहुंचकर की।
राजा चौरसिया ने कहा कि “रतन टाटा जी केवल उद्योग और प्रगति के शिखर पुरुष ही नहीं थे, वे सादगी, त्याग, और निःस्वार्थ राष्ट्रसेवा के आदर्श प्रतीक थे। मेरा जीवन उनसे गहराई से जुड़ा है, और यह यात्रा उनके प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।”
उन्होंने सभी संस्कारधानी वासियों को संदेश देते हुए आग्रह किया कि इस यात्रा को सिर्फ उनकी व्यक्तिगत श्रद्धांजलि न मानें, बल्कि इसे राष्ट्रहित और समाजसेवा की सामूहिक भावना के रूप में देखें।
ओंकारेश्वर धाम में विशेष पूजा-अर्चना कर राजा चौरसिया ने रतन टाटा जी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और संकल्प लिया कि टाटा जी के आदर्शों को हर घर-हर दिल तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
संस्कारधानी जबलपुर से निकली यह यात्रा देशभर में प्रेम, त्याग और सेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ेगी।














