जयपुर, 2 दिसंबर 2025। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय जयपुर में मंगलवार को उद्योग एवं वाणिज्य तथा खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी द्वारा कार्यकर्ता सुनवाई आयोजित की गई। सुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में कर्नल राठौड़ ने कहा कि पार्टी की मूल प्रतिबद्धता जनता और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर हल करना है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार अब सप्ताह में तीन दिन नियमित रूप से मंत्री और पदाधिकारी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई करेंगे।
राठौड़ ने बताया कि मंगलवार को लगभग 90 परिवाद सुनवाई में प्रस्तुत हुए। कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही फोन कर तत्काल कार्रवाई कराई गई, जबकि कुछ मामलों को विभागों को अग्रेषित किया गया। उन्होंने बताया कि अधिकतर शिकायतें राजस्व प्रकरणों, बिजली–पानी, स्थानांतरण और विभागीय प्रक्रियाओं से संबंधित रहीं। राठौड़ ने कहा कि सुनवाई की इस व्यवस्था से समस्याएं सही स्तर तक तेजी से पहुंचती हैं, जिससे समाधान भी अधिक प्रभावी होता है।
कर्नल राठौड़ ने केंद्र–राज्य समन्वय पर कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण राजस्थान को केंद्र से निरंतर सहयोग मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय समन्वय के अभाव में विकास कार्य बाधित रहते थे, जबकि आज तेज गति से काम होने के कारण विपक्ष असहज है। राठौड़ ने कहा— “कांग्रेसी दिल्ली एक परिवार के ढोक लगाने जाते थे, हम दिल्ली देश की सरकार के पास जाते हैं।”
स्थानांतरण संबंधी सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया शुरू होने के बाद प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा और विशेष परिस्थितियों में मामले मुख्यमंत्री तक भेजे जाएंगे।
मंत्री राठौड़ ने कहा कि राजस्थान निवेश के मामले में तेजी से उभर रहा है। राज्य की शांत, सुरक्षित और स्थिर परिस्थितियों के कारण उद्योगों के लिए यह एक अनुकूल गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ और ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ के माध्यम से निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रवासी राजस्थानी दिवस पर उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों के अनुभव, संसाधन और CSR निवेश को राज्य के विकास से जोड़ने की पहल को उत्कृष्ट प्रतिक्रिया मिल रही है।
कार्यकर्ता सुनवाई के दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी और प्रदेश मंत्री नारायण मीणा भी मौजूद रहे। भूपेंद्र सैनी ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम कार्यकर्ता सुनवाई है, न कि जनसुनवाई। सभी मंत्री पूर्वानुसार अपने आवास और सचिवालय में जनसुनवाई करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता अपनी समस्याएं मंडल अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष या जिला पदाधिकारी से अनुशंसित करवाकर ही कार्यालय में प्रस्तुत करें।
भूपेंद्र सैनी ने जानकारी दी कि 3 दिसंबर (बुधवार) को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर और महिला एवं बाल विकास मंत्री मंजू बाघमार कार्यकर्ता सुनवाई करेंगे। इसके साथ ही भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर और प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम भी उपस्थित रहेंगे। संबंधित विभागों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा।










