महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में बोले केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री— “इस साल के अंत तक दो करोड़ विदेशी पर्यटक भारत लाने का लक्ष्य”
बीकानेर, 23 नवंबर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान को ‘डेजर्ट हेरिटेज गेटवे’ के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। ‘देखो अपना देश’ और घरेलू प्रचार अभियानों के तहत 176.97 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों के सहयोग से इस वर्ष के अंत तक दो करोड़ विदेशी पर्यटकों को भारत आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
शेखावत रविवार को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी ‘पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन की पुनर्कल्पना’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालोर जैसे जिले सिर्फ रेगिस्तानी भूगोल का हिस्सा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के जीवंत केंद्र हैं जिनमें पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
पर्यटन निवेश में तेज़ वृद्धि
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राजस्थान का पर्यटन क्षेत्र राज्य की जीडीपी में 12 प्रतिशत का योगदान देता है। वर्ष 2015–16 में जहां पर्यटन निवेश 1,689 करोड़ रुपये था, वहीं 2023–24 में यह बढ़कर 4,847 करोड़ रुपये पहुंच गया। आने वाले वर्षों में इस वृद्धि के और तेज होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि बीकानेर ड्राई पोर्ट वर्ष 2026 तक शुरू हो जाएगा, जिससे व्यापार व पर्यटन दोनों को गति मिलेगी। वहीं जैसलमेर एयरपोर्ट के विस्तार के बाद 2026 में 10 नई उड़ानें शुरू होंगी। ‘स्वदेश दर्शन’ स्कीम के तहत 2,080 करोड़ रुपये का निवेश पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन सर्किट को नई ऊर्जा देगा।
260 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र
शेखावत ने कहा कि बीकानेर में प्रस्तावित 260 करोड़ रुपये का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र हर वर्ष करीब 50 हजार प्रतिनिधियों को आकर्षित करेगा, जिससे बिजनेस-टूरिज्म को भी मजबूत आधार मिलेगा।
नई पर्यटन नीति से बढ़ेगा निवेश
‘राजस्थान टूरिज्म यूनिट पॉलिसी 2025’ में होटल और हेरिटेज रेस्टोरेंट को आवासीय क्षेत्रों में शराब लाइसेंस पर सब्सिडी देने के कदम का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि इससे पर्यटन उद्योग में करीब 10,000 करोड़ रुपये का नया निवेश आएगा। पश्चिमी राजस्थान को वर्षभर पर्यटकों के लायक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए सर्दियों में सांस्कृतिक उत्सव और गर्मियों में सौर-ऊर्जा आधारित वेलनेस रिट्रीट जैसे मॉडल अपनाए जाएंगे।
इनक्रेडिबल इंडिया अभियान को 11 गुना बढ़ा बजट
उन्होंने बताया कि ‘इनक्रेडिबल इंडिया 3.0’ अभियान का बजट 3 करोड़ से बढ़ाकर 33 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे राजस्थान की वैश्विक पहचान और मजबूत होगी।
2030 और 2047 के लिए विशेष लक्ष्य
शेखावत ने कहा कि मिशन लाइफ के तहत जीरो प्लास्टिक जोन, 1,268 करोड़ रुपये के सतत बाज़ार लक्ष्य और 1.5 लाख करोड़ रुपये के साझेदारी निवेश जैसे प्रयास पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने में सहायक हैं।
उन्होंने बताया कि—
-
2030 तक: दस मॉडल पर्यटन स्थलों का विकास और एक करोड़ से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य।
-
2047 तक: पांच करोड़ पर्यटकों को भारत लाने और राजस्थान की जीडीपी में पर्यटन का योगदान 15 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना पर काम जारी है।
संगोष्ठी में पर्यटन विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।










