Pregnancy During Periods : क्या पीरियड्स के बाद भी हो सकती है प्रेग्नेंसी? जानिए सच और भ्रांतियों के बीच का फर्क

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महिलाओं में प्रेग्नेंसी से जुड़ी कई भ्रांतियां और सवाल अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं। इन्हीं में एक अहम सवाल यह भी है कि अगर पीरियड्स आ गए हैं, तो क्या महिला प्रेग्नेंट नहीं हो सकती? अक्सर कपल जब फैमिली प्लानिंग कर रहे होते हैं, तो पीरियड्स मिस होना ही प्रेग्नेंसी का पहला संकेत माना जाता है। महिलाएं घर पर टेस्ट किट से जांच करती हैं और रिजल्ट आने पर ही स्थिति को समझती हैं।

लेकिन क्या केवल पीरियड्स मिस होना ही प्रेग्नेंसी का संकेत है? और अगर पीरियड्स आ गए हैं, तो क्या गर्भधारण की कोई संभावना नहीं रहती?

इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग बन सकती है भ्रम का कारण

असल में, हर बार वजाइना से होने वाली ब्लीडिंग को मासिक धर्म समझ लेना सही नहीं होता। कई बार जब महिला प्रेग्नेंट होती है, तो भ्रूण के गर्भाशय में चिपकने की प्रक्रिया के दौरान हल्की ब्लीडिंग हो सकती है, जिसे इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहा जाता है। यह बहुत हल्की होती है और सामान्य पीरियड्स से अलग होती है, लेकिन महिलाएं इसे भ्रमवश मासिक धर्म समझ लेती हैं।

हार्मोनल बदलाव और अनियमित ओव्युलेशन भी वजह

कुछ मामलों में हार्मोनल उतार-चढ़ाव की वजह से भी हल्की ब्लीडिंग देखने को मिलती है। खासतौर पर यदि महिला का ओव्युलेशन साइकिल नियमित नहीं है, तो ऐसे में पीरियड्स के समय पर या उसके आसपास भी स्पॉटिंग हो सकती है, जिससे कंफ्यूजन बढ़ जाता है।

क्या करें जब आए संदेह?

अगर किसी महिला को पीरियड्स के बावजूद मतली, थकान, ब्रेस्ट में भारीपन, बार-बार पेशाब आना या मूड स्विंग्स जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह जरूरी हो जाता है कि वह प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए। घरेलू टेस्ट किट से शुरुआती जांच की जा सकती है, लेकिन 100% कंफर्मेशन के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

पीरियड्स = नो प्रेग्नेंसी? यह पूरी तरह सच नहीं

विशेषज्ञों की मानें तो मासिक धर्म का आना या न आना, दोनों ही स्थितियों में महिला प्रेग्नेंट हो सकती है या नहीं — इसका सीधा उत्तर सिर्फ टेस्ट और मेडिकल जांच से ही संभव है। सिर्फ पीरियड्स को देखकर किसी नतीजे पर पहुंचना गलत होगा।

डॉक्टर से संपर्क कब करें?

अगर ब्लीडिंग अत्यधिक हो या उसमें कोई गंध, दर्द या असामान्यता महसूस हो, तो यह किसी और समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी होता है। गर्भधारण के शुरुआती हफ्तों में यदि ब्लीडिंग होती है, तो यह कभी-कभी खतरे की घंटी भी साबित हो सकती है।

पीरियड्स और प्रेग्नेंसी का आपस में गहरा संबंध तो है, लेकिन हर बार पीरियड्स आना इस बात की गारंटी नहीं है कि महिला प्रेग्नेंट नहीं हो सकती। इसलिए किसी भी भ्रम की स्थिति में घरेलू टेस्ट के साथ डॉक्टर की सलाह लेना ही समझदारी भरा कदम होता है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

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