एमपी में ASLR और SLR के पद हुए मर्ज:नायब तहसीलदार और तहसीलदार के 2278 पद होंगे, तेजी से निबटेंगे राजस्व कोर्ट केस 

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(रामगोपाल सिंह उईके /उजला दर्पण )

भोपाल  मध्यप्रदेश में रेवेन्यू कोर्ट और अन्य मजिस्ट्रियल कार्यों के लिए राजस्व विभाग के पास अब 2278 अधिकारी हो गए। 3 जून को पचमढ़ी में हुई कैबिनेट बैठक में इसका फैसला लिया गया था। जिस पर अब राजस्व विभाग ने आदेश किए हैं।

दरअसल, सरकार ने अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के पदों को आपस में मर्ज कर दिया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत अब अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख (एएसएलआर) के पदों पर काम करने वाले अफसरों को कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के पॉवर मिल जाएंगे। इसका फायदा यह होगा कि राजस्व न्यायालयों में पेंडिंग मामलों के निराकरण में तेजी आ सकेगी।

गैर न्यायिक शब्दावली को विलोपित कर दिया 

पिछले माह राजस्व अधिकारी संघ और अधीक्षक भू-अभिलेख संघ ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद संघ और अधिकारियों के बीच बैठक हुई। अब यह आदेश जारी किया है। राजस्व अधिकारी संघ जिसमें तहसीलदार और नायब तहसीलदार शामिल रहते हैं। उन्होंने गैर न्यायालयीन काम और न्यायालयीन काम के लिए तहसीलदारों की संख्या स्थिर किए जाने का विरोध किया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने गैर न्यायिक शब्दावली को विलोपित करने के आदेश जारी किए थे। इसके साथ ही पदों के मर्जर को लेकर कैबिनेट के फैसले के आधार पर जल्द आदेश जारी करने की मांग की गई थी।

ऐसा होगा तहसीलदारों का नया सेटअप

राजस्व विभाग के जारी आदेश में कहा है कि प्रदेश में अधीक्षक भू-अभिलेख के 144 पद और तहसीलदार के 610 पद मंजूर हैं। दोनों पद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत समान वेतनमान वाले हैं। इन पदों का आपस में समायोजन हो जाने के बाद अब तहसीलदार के कुल 754 पद हो जाएंगे।

अधीक्षक भू-अभिलेख जिनका नया नाम तहसीलदार होगा, इस पद से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व में तय सीनियरिटी के आधार पर अपनाई गई प्रोसेस का पालन तब तक किया जाता रहेगा जब तक यह पूरा कैडर रिटायरमेंट या अन्य कारणों से पूरी तरह रिक्त नहीं हो जाता है।

अधीक्षक भू-अभिलेख कैडर के पदों पर केवल नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख की ही पदोन्नति की जा सकेगी।

यह कैडर तब तक अस्तित्व में रहेगा जब तक कि पूरे कैडर यानी अधीक्षक भू-अभिलेख और सहायक अधीक्षक भू -अभिलेख के रूप में पदस्थ अधिकारी रिटायर नहीं हो जाएंगे।

दोनों ही समान कैडर के पदों को मर्ज किए जाने के पाद 

भू-अभिलेख कैडर के वजूद में रहने तक अधीक्षक भू-अभिलेख और तहसीलदार कैडर की अलग-अलग पदक्रम सूची बनाई जाएगी।

ASAR और नायब तहसीलदार के लिए ऐसी होगी व्यवस्था

इसी तरह सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख और नायब तहसीलदार कैडर को पदों के समायोजन को लेकर भी मंजूरी दी गई है। प्रदेश में सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के 282 और नायब तहसीलदार के 1242 पद स्वीकृत हैं। दोनों ही पद कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत समान वेतनमान वाले पद हैं। इसलिए दोनों ही पदों को आपस में मर्ज कर दिया है। इसके बाद प्रदेश में नायब तहसीलदार कैडर के कुल 1524 पद हो जाएंगे।

अधीक्षक भू-अभिलेख (तहसीलदार) कैडर के पदों पर केवल नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को ही पदोन्नति दी जाएगी। यह क्रम तब तक चलता रहेगा जब तक कि इस कैडर के सभी अधिकारी रिटायर नहीं हो जाते।

सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख कैडर में सीधी भर्ती के स्वीकृत पदों पर अब कोई नई भर्ती नहीं की जाएगी। सीधी भर्ती के रिक्त पद जैसे जैसे खाली होते जाएंगे उन पदों को नायब तहसीलदार के स्वीकृत पदों के साथ जोड़कर नई भर्ती नायब तहसीलदार के रूप में की जाएगी।

सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख के प्रमोशन के लिए मंजूर पदों पर राजस्व निरीक्षक के पद से प्रमोशन की कार्यवाही पहले की तरह नायब तहसीलदार और सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख दोनों ही पदों पर पदोन्नति के लिए तय प्रतिशत के अनुसार की जाएगी। यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक वर्तमान में पदस्थ सभी राजस्व निरीक्षक की पदोन्नति नहीं हो जाती। नई भर्ती के अंतर्गत राजस्व निरीक्षकों के प्रमोशन की कार्यवाही नायब तहसीलदार भर्ती नियम 2011 के अनुसार की जाएगी।

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