प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक 24 मई 2025 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित की गई। इस बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, मेघालय के मुख्यमंत्री कोर्नाड संगमा, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सहित कई विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों से ‘टीम इंडिया’ के रूप में कार्य करने की अपील की और कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होगा।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों के साथ चाय पर अनौपचारिक चर्चा की। इस दौरान हंसी-ठहाकों के बीच विकास, योजनाओं और राज्य-केन्द्र सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ, जिससे एकजुटता का सकारात्मक संदेश गया।
बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के लिए लंबित वित्तीय सहायता जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया और केंद्र से अधिक सहायता की अपील की। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी राज्यों को उनके अधिकारपूर्ण हिस्से की टैक्स राशि देने की मांग की और केंद्र से निष्पक्ष सहयोग की अपेक्षा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी राज्यों के सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और नीति आयोग को राज्यों की दीर्घकालिक रणनीतियों में सहायता प्रदान करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।
इस बैठक ने केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय की महत्वपूर्ण आवश्यकता को रेखांकित किया, जिससे देश के समग्र विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा सकें।










