जयपुर, 14 नवंबर। राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की परियोजनाओं की गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए आवासन आयुक्त डॉ. रश्मि शर्मा ने शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिहायशी परियोजनाओं का निर्माण योजनाबद्ध ढंग से किया जाए और प्रत्येक चरण पर विशेषज्ञों व अभियंताओं द्वारा अनिवार्य रूप से निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता मानकों से समझौता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और तकनीकी टीमों की जिम्मेदारी है कि वे नियमित, गहन और पारदर्शी निरीक्षण सुनिश्चित करें।
आयुक्त ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की विश्वसनीयता का आधार गुणवत्तापूर्ण निर्माण और प्रक्रिया की पारदर्शिता है। इसलिए सभी परियोजनाओं में तकनीकी दक्षता, समयबद्ध प्रगति और सख़्त निगरानी अनिवार्य है। बैठक में निर्माण से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए हर प्रोजेक्ट में जवाबदेही और स्पष्टता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक के दौरान बकाया वसूली के मुद्दे पर आयुक्त ने बेहद सख़्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आवंटियों ने आवासों के बदले देय किश्तों का समय पर भुगतान नहीं किया है, उनके खिलाफ तुरंत वसूली अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड की वित्तीय स्थिति को मजबूत रखने के लिए समयबद्ध वसूली अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में डॉ. शर्मा ने आदेश दिया कि सभी बकाया मामलों में जल्द नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सचिव गोपाल सिंह, उप सचिव अशोक कुमार, मुख्य अभियंता अमित अग्रवाल, टीएस मीणा, प्रतीक श्रीवास्तव, वित्तीय सलाहकार रोहिताश यादव सहित अन्य अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।










