जयपुर। राइट टू एजुकेशन (RTE) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को अब तक दाखिला नहीं मिलने से अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। संयुक्त अभिभावक संघ के नेतृत्व में सैकड़ों अभिभावक पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा करेंगे।
जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल 2025 को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में लॉटरी सिस्टम से चयनित विद्यार्थियों को दाखिले की घोषणा की गई थी, लेकिन चार महीने बीत जाने के बाद भी बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित नहीं हो सका। अभिभावकों का आरोप है कि सरकार और शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल दाखिला देने से मना कर रहे हैं, और इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
संयुक्त अभिभावक संघ के प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि शिक्षा विभाग ने तीन महीने से अभिभावकों को इधर-उधर भटकाया है, जिससे कई लोग मानसिक तनाव में आ गए हैं। प्रतापनगर निवासी एक अभिभावक तो अवसाद के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। स्कूल सत्र शुरू हुए डेढ़ महीने हो चुके हैं, फिर भी चयनित बच्चे घर पर बैठे हैं।
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे शिक्षा संकुल के बाहर धरना देंगे और आवश्यकता पड़ी तो आमरण अनशन भी करेंगे। इस बीच, बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने का समय मांगा गया है, और शुक्रवार को सैकड़ों अभिभावक बच्चों के साथ उनके आवास पहुंचकर अपनी पीड़ा रखेंगे। इस मुलाकात में पूर्व राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस संजय बापना, संघ प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, महामंत्री संजय गोयल सहित कई नेता और अभिभावक मौजूद रहेंगे।










