जयपुर, जवाहर कला केन्द्र में शनिवार को जूनियर समर प्रोग्राम के तहत ओपन माइक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी विभिन्न प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया, जिसमें कविता पाठ, सोलो प्ले, तबला वादन, गिटार, वायलिन और गायन जैसी विधाएँ शामिल थीं। कार्यक्रम में 30 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया और अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
इस कार्यक्रम में केन्द्र की अतिरिक्त महानिदेशक प्रियंका जोधावत और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। विभिन्न विधाओं के इंस्ट्रक्टर और बच्चे भी इस अवसर पर मौजूद थे। प्रियंका जोधावत ने अपने संबोधन में कहा, “यह आयोजन बच्चों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विधाओं के बच्चों के एक मंच पर आने से आपसी सामंजस्य बढ़ेगा और वे एक-दूसरे से सीख सकेंगे।
प्रस्तुतियों की विविधता
ओपन माइक कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियाँ दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविता पाठ में बच्चों ने विभिन्न कवियों की कविताओं का पाठ किया, जो सभी के मन को छू गई। सोलो प्ले में बच्चों ने अपने अभिनय कौशल का प्रदर्शन किया। तबला, गिटार और वायलिन वादन में बच्चों ने अपनी संगीत प्रतिभा का परिचय दिया। गायन की प्रस्तुतियों ने माहौल को संगीतमय बना दिया।
बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक ऐसा मंच प्रदान करना था जहाँ वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और आत्मविश्वास बढ़ा सकें। प्रियंका जोधावत ने कहा, “सभी बच्चे जो सीख रहे हैं, उनकी प्रस्तुति देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगा।”
कार्यक्रम के अंत में, बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की गई और उन्हें प्रोत्साहित किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने बच्चों की प्रतिभा की प्रशंसा की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सारांश
जवाहर कला केन्द्र का यह जूनियर समर प्रोग्राम बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ है। इस प्रकार के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए बल्कि उनके अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी एक गर्व का क्षण था, जहाँ उन्होंने अपने बच्चों को खुले मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन करते देखा।










