जयपुर, 16 दिसंबर 2025। राज्य सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सरकार के आदेशों की अनुपालना में महानिदेशक कारागार श्री अशोक कुमार राठौड़ के स्पष्ट निर्देशानुसार राजस्थान राज्य की समस्त जेलों में विशेष श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता, अनुशासन और जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा, जिसके तहत कारागार विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने स्वयं आगे बढ़कर कार्यालय परिसरों की व्यापक साफ-सफाई की और यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि सतत जिम्मेदारी है।
इसी क्रम में कारागार मुख्यालय में उपमहानिरीक्षक (मुख्यालय) श्रीमती मोनिका अग्रवाल, अधीक्षक (मुख्यालय) श्री महेश चंद बैरवा एवं उपाधीक्षक तथा नोडल अधिकारी श्री रमाकांत शर्मा के प्रभावी नेतृत्व और देखरेख में सभी कार्यालय कक्षों, रिकॉर्ड रूम, पत्रावलियों, फर्नीचर, कंप्यूटर सिस्टम, बाहरी व अंदरूनी अहातों सहित सार्वजनिक उपयोग के प्रत्येक स्थान की सुव्यवस्थित, सुरक्षित और मानकों के अनुरूप साफ-सफाई की गई।
श्रमदान के दौरान अनावश्यक कागजातों की छंटनी, कार्यालय सामग्री का क्रमबद्ध संधारण, फाइलों का सुरक्षित रख-रखाव तथा कार्यस्थल को स्वच्छ, सुगम और सकारात्मक वातावरण में परिवर्तित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे न केवल कार्यकुशलता में सुधार हुआ, बल्कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना भी मजबूत हुई।
कारागार विभाग द्वारा संचालित यह अभियान केवल विभागीय औपचारिकता तक सीमित न रहकर आमजन के लिए एक प्रेरक उदाहरण के रूप में सामने आया। विभाग ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ कार्यस्थल कर्मचारियों के स्वास्थ्य, मनोबल और कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है तथा आम नागरिकों के बीच शासन के प्रति विश्वास और सकारात्मक छवि को भी सुदृढ़ करता है।
राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों से जुड़ा यह स्वच्छता प्रयास इस बात का प्रतीक है कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता से साकार होता है। कारागार विभाग ने समाज के प्रत्येक वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें, सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करें और “स्वच्छ कार्यालय, सशक्त प्रशासन और जागरूक समाज” की अवधारणा को व्यवहार में उतारते हुए राजस्थान को एक स्वच्छ, सुव्यवस्थित और जिम्मेदार राज्य बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।










