( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
भोपाल कर्मचारी भविष्य निधि को लेकर केंद्र द्वारा किए गए बदलाव में नौकरी छोड़ने और रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए एक नई व्यवस्था भी की गई है। इसके तहत अब नौकरी छोड़ने के 1 साल बाद पूरा पीएफ फंड और रिटायरमेंट के 3 साल बाद पेंशन फंड निकाला जा सकेगा।
अभी अंशदाता यानी संबंधित कर्मचारी के लिए यह प्रावधान है कि सर्विस छोड़ने के 2 महीने बाद पूरा पीएफ फंड निकाल सकते हैं। अभी तक यही व्यवस्था रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए है कि वे रिटायरमेंट के 2 महीने बाद पेंशन फंड निकाल सकते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ जोनल ऑफिस में पदस्थ रीजनल कमिश्नर 1 शिखर शर्मा ने बताया कि यह नया बदलाव हितकारी है। इससे अंशदाता और पेंशनरों को फायदा होगा कि उन्हें ब्याज की उच्च दर का फायदा मिल सकेगा।
1 साल बाद पीएफ की निकासी
कर्मचारी भविष्य निधि में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अभी तक 7 वर्ष की सर्विस के बाद शादी और शिक्षा के लिए पीएफ की आंशिक निकासी का प्रावधान था। अब यह अवधि घटकर एक वर्ष कर दी गई है।












