उजला दर्पण समाचार पत्र की पहल से नगरनिगम के आला अधिकारियों की चेतना जागी।

नगर निगम कमिश्नर का भी इन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
खबर का असर दिखने लगा है और कचरा प्लांट रानीताल मुक्तिधाम के सामने पड़ा कचड़ा उठा लिया गया है।
उजला दर्पण समाचार पत्र की पहल से नगरनिगम के आला अधिकारियों की चेतना जागी। और जोन क्रमांक 02 में कचरा प्लांट रानीताल मुक्तिधाम के सामने से कचरा उठा लिया गया है। लेकिन शहर में जगह जगह हर जोन में कचरा और गंदगी फैली हुई है।
नगर निगम जबलपुर की अनियमितता और लापरवाही के कारण शहर की स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरा फैला हुआ है, और नगर निगम के कर्मचारी ही कचरा गाड़ियों में भरकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में डाल रहे हैं।
नगर निगम की लापरवाही:
– नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी और जोन के अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से बचते हुए दिख रहे हैं।
– शिकायत करने पर नगर निगम के कर्मचारी गुंडागर्दी पर उतर आते हैं।
– नगर निगम कमिश्नर का भी इन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
*स्वच्छता सर्वेक्षण की पोल खुली:*
– स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर नगर निगम ढिंढोरा पीटता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
– सर्वेक्षण के दौरान कुछ समय के लिए साफ-सफाई करवाई जाती है, लेकिन बाद में फिर से कचरे का अंबार लग जाता है।
*बेजुबान जानवरों के जीवन के साथ खिलवाड़:*
– कचरे में प्लास्टिक और अन्य हानिकारक पदार्थ होते हैं, जो बेजुबान जानवरों के लिए खतरनाक होते हैं।
– नगर निगम की लापरवाही के कारण बेजुबान जानवरों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
*क्या नगर निगम अधिकारी जागेंगे?*
– क्या नगर निगम अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार करेंगे?
– या फिर नगर निगम की लापरवाही और अनियमितता जारी रहेगी?
हालांकि, खबर का असर दिखने लगा है और कचरा प्लांट रानीताल मुक्तिधाम के सामने पड़ा कचड़ा उठा लिया गया है। अब देखना होगा कि नगर निगम के स्वच्छता अधिकारी और जोन के अधिकारी शहर के साफ-सफाई करवाते हैं या ऐसे ही कचरा इधर-उधर डलवाते रहेंगे ¹.










