जयपुर जिले की फुलेरा तहसील के हिरनोदा गांव में खेजड़ी के सैकड़ों पेड़ों की कटाई को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खेजड़ी, जिसे राजस्थान का राज्य वृक्ष घोषित किया गया है, न केवल राज्य की धरोहर है, बल्कि मरुस्थलीय क्षेत्रों के पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
गांव में उद्योग लगाने के नाम पर इन पेड़ों को काटा जा रहा है, और उनकी नीलामी भी की जा रही है। इससे न केवल गांव के लोग, बल्कि पर्यावरण प्रेमी भी आंदोलित हैं। उनका कहना है कि इस तरह की अमानवीय कटाई से पर्यावरण को बड़ा नुकसान होगा और यह राज्य की धरोहर के साथ खिलवाड़ है।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का बयान:
“हमारी मांग है कि प्रशासन तुरंत इस कटाई को रोके और प्रस्तावित नीलामी को रद्द करे। ये पेड़ हमारे गांव की पहचान हैं और हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।”
इस विरोध को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आंदोलनरत लोगों से सकारात्मक वार्ता का भरोसा दिलाया है।
प्रशासनिक अधिकारी का बयान:
“हमने आंदोलनकारियों की मांगों को सुना है और हम स्थिति का जायजा लेकर उचित कदम उठाएंगे। हम इस मामले में सकारात्मक संवाद के लिए तैयार हैं।”
प्रशासन को अब जल्द ही निर्णय लेना होगा ताकि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय धरोहर की रक्षा हो सके.











