जयपुर। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्धघुमन्तु जनाधिकार समिति द्वारा मालवीय नगर स्थित पाथेय भवन सभागार में एक विशेष सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री रहे, जबकि अध्यक्षता जेइसीआरसी के चांसलर ओपी अग्रवाल ने की। मंच पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अ.भा. हरियाणा गौड़ ब्राह्मण महासभा कैलाश चंद शर्मा, अतिरिक्त प्राचार्य दौसा मेडिकल कॉलेज डॉ. राजेन्द्र यादव, घुमन्तू जाति उत्थान न्यास के प्रांत संयोजक महेन्द्र सिंह राजावत तथा कार्यक्रम संयोजक रामकिशोर योगी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।
मुख्य वक्ता जसवंत खत्री ने कहा कि घुमन्तू समाज के मानवाधिकार प्रकृति प्रदत्त हैं और इनके संरक्षण के लिए समाज व सरकार दोनों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने मीडिया में विभिन्न समुदायों के नाम से “गैंग” शब्द के उपयोग को अनुचित बताते हुए इस पर प्रतिबंध की आवश्यकता जताई। इसके साथ ही उन्होंने आदतन अपराधी अधिनियम को हटाने की भी मांग उठाई, जिसे उन्होंने घुमन्तू समाज के लिए बाधक बताया।
सभा की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। वक्ताओं ने घुमन्तू समुदाय के दस्तावेज बनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने और बस्तियों को हटाने के बजाय उनके समुचित पुनर्वास की जरूरत पर जोर दिया। डॉ. राजेन्द्र यादव, एडवोकेट रामधन टिटानिया, राकेश बीडावत, महेन्द्र सिंह राजावत, रामकिशोर योगी और एडवोकेट रामअवतार योगी ने कहा कि प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ समाज की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
कार्यक्रम में क्षेत्र घुमन्तू कार्य प्रमुख महेन्द्र सिंह, ओएसडी हरदयाल गौड़, प्रभुदयाल बावरी, घनश्याम बड़तिया, भैरूराम बंजारा, फौजसिंह पारधी, सन्नी सांसी, राहुल सिकलीगर, पांचू कंजर, गोपाल गुजराती, एससी मोर्चा महामंत्री मुकेश गर्ग सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवक शक्ति और गणमान्यजन मौजूद रहे।
यह आयोजन घुमन्तू समुदाय के अधिकारों, सम्मान और पुनर्वास की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है।










