( उजला दर्पण सीनियर रिपोर्टर रामगोपाल सिंह )
जबलपुर खितौला के इसाफ बैंक में डकैती का मास्टर माइंड पाटन निवासी रईस दमोह में मिला है। बाकी तीन डकैतों के झारखंड भागने की खबर है। पता चला है कि डकैतों ने छत्तीसगढ़ के राजगढ़ में भी बैंक डकैती की थी। उस वक्त पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसी जेल में मादक पदार्थ अधिनियम के मामले में पाटन निवासी रईस भी बंद था। वहीं पर इनकी मुलाकात हुई। जमानत पर बाहर आने के बाद सभी ने खितौला के इसाफ बैंक में डकैती डालने की साजिश रची। यह खुलासा रईस ने किया। उसके पास से कुछ नकदी भी मिली है। मामले में पुलिस रईस के एक साथी बल्लू को भी तलाश रही है
डकैती के वक्त वह भी बैंक में था
वारदात के बाद डकैत पाटन और इंद्राना में रुके। 12 अगस्त को रईस बाकी डकैतों को लेकर दमोह गया था। वहां से उन्हें झारखंड जाने वाली ट्रेन में बिठाया। वह वहां अपने एक साथी के साथ था। इसकी जानकारी पुलिस को लगी, तो उसे दबोच लिया। उसने बताया कि डकैती के वक्त वह भी बैंक में था। लाल रंग की टी शर्ट पहने था।
कॉल रिकॉर्ड से खुलासा
पुलिस को रईस के कॉल रिकॉर्ड से जानकारी मिलीं। डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले तीन अन्य डकैतों ने रईस को बताया था कि वे बिहार के रहने वाले हैं। हालांकि, पुलिस इसका पता लगा रही है। इसके लिए राजगढ़ पुलिस से भी सम्पर्क कर वहां हुई डकैती, गिरफ्तारी व फरारी की जानकारी ली जा रही है। तीनों डकैत बैंक से लूटा गया पूरा सोना अपने साथ ले गए। रईस और बल्लू को दो से ढ़ाई लाख रुपए दिए थे। पुलिस ने यह राशि भी रईस की निशानदेही पर जब्त की है। हथियारबंद पांच डकैतों ने 11 अगस्त की सुबह खितौला के इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। डकैतों पर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है।












