मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार संगठन की सक्रिय कार्यकर्ता की सजगता से दो घर टूटनें से बचे।
कुंडम तहसील जिला जबलपुर के बिलसरा और मड़ाइकला गांव की प्रेम प्रसंग की घटना सामने आई जिसमें लड़का लड़की दोनों एक दूसरे के प्रेम में कई वर्षों से थे और कुछ परिस्थितिया विपरीत बनी तो लड़का , लड़की को छोड़कर भाग गया और शादी करने से मना कर दिया ।
जब इस घटना की जानकारी मानव अधिकार संगठन की सक्रिय कार्यकर्ता प्रभा वरकड़े को प्राप्त हुई तो उन्होंने तुरंत लड़का पक्ष और लड़की पक्ष दोनों से बात कर समाधान का रास्ता निकाला।
प्रभा वरकड़े ने सबसे पहले मानव अधिकार संगठन के पदाधिकारी को घटना की संपूर्ण जानकारी दी ,
प्रदेश अध्यक्ष शासकीय अधिवक्ता उच्च न्यायालय रवि सोधिया जी के मार्गदर्शन में मानव अधिकार संगठन के पदाधिकारी अंकित सेन जिला उपाध्यक्ष जबलपुर और दायित्ववान कार्यकर्ता रामगोपाल सिंह ऊईके और मोहन सिंह ऊईके तत्काल वहां पर पहुंचे और घटना को संज्ञान लेते हुए गांव के वरिष्ठ लोगों के बीच बैठक कर आपसी समझौता कराया और एक माह के अंदर गांव की सामाजिक रीति रिवाज और परंपरा के हिसाब से शादी करने के लिए बात की।
लड़का पक्ष और लड़की पक्ष दोनों के माता-पिता इस बात को समाज के लोगों के बीच स्वीकार किया और लिखित में मानव अधिकार संगठन को सहमति पत्र भी दिया कि हम दोनों एक माह के अंदर शादी करके कार्यक्रम को संपन्न करेंगे और इसकी सूचना भी हम आपको प्रदान करेंगे।
सक्रियता और सजगता ने दो घरों को टूटने से बचा लिया। मानव अधिकार संगठन इसी तरह समाज हित में सदैव तत्परता से कार्य करता रहेगा।











