( उजला दर्पण /स्टेट हेड अंकित सेन)
जबलपुर। नगर निगम की सफाई व्यवस्था का सच एक बार फिर सामने आ गया है। जोन-2 सफाई का नहीं, भ्रष्टाचार का मॉडल बन चुका है। यहां वर्षों से जमे एस.आई. अमन चतुर्वेदी ने पूरे सिस्टम को अपने हिसाब से चला कर गंदगी का साम्राज्य खड़ा कर दिया है।
👉 यादव कॉलोनी (विवेकानंद वार्ड) से लेकर हर्षित नगर (कमला नेहरू वार्ड बॉर्डर) तक हर गली-कूचे में कचरे के ढेर।
👉 नालियां जाम, बदबूदार पानी और मच्छरों की भरमार से लोग बीमारियों के साए में जीने को मजबूर।
👉 सफाई सिर्फ मुख्य सड़कों पर दिखावे के लिए, कॉलोनियां बनीं नरक।
अमन चतुर्वेदी का खेला
➡️ वर्षों से एक ही जगह पर टिके रहना।
➡️ जोन प्रभारी बदलते रहे, लेकिन चतुर्वेदी की कुर्सी अडिग।
➡️ अधिकारियों की सांठगांठ से पूरे जोन को गंदगी में धकेला।
जनता बेहाल है, लेकिन निगम अफसरों की फाइलों में सफाई “उत्तम” लिखी जाती है। यही कारण है कि कमिश्नर का स्वच्छ जबलपुर का सपना बार-बार टूट रहा है।
अब बड़ा सवाल—
❓ क्या नगर निगम कमिश्नर इस खेल पर कार्रवाई करेंगे?
❓ क्या अमन चतुर्वेदी की पकड़ आखिरकार ढीली होगी?
❓ या फिर जोन-2 की जनता यूं ही गंदगी और भ्रष्टाचार की मार झेलती रहेगी?
साफ है—सफाई पर ताला और भ्रष्टाचार का खेल ही अमन चतुर्वेदी का असली जोन-2 मॉडल है।











