जोधपुर, 2 दिसंबर। कुड़ी भगतासनी थाने में एक अधिवक्ता से धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाते हुए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश और डीसीपी पश्चिम विनीत बंसल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के आदेश दिए। सुनवाई में पुलिस कमिश्नर ने माना कि SHO और स्टाफ का व्यवहार अनुचित था। इसके बाद SHO हमीर सिंह भाटी और रीडर नरेंद्र को तुरंत लाइन हाजिर कर दिया गया।
घटना के अनुसार, अधिवक्ता भारत सिंह एक कथित दुष्कर्म पीड़िता को बयान के लिए थाने लेकर पहुंचे थे। इस दौरान सादे कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी ने आधार कार्ड मांगा, जिस पर अधिवक्ता ने आपत्ति जताई। इसी बात पर विवाद बढ़ा और वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी वकील को कमरे में धकेलते हुए दिखता है। बीच-बचाव करने आई महिला अधिवक्ता से भी पुलिसकर्मी बहस करते नजर आए। वकीलों का कहना है कि थाने के अंदर कानून व्यवस्था का खुला उल्लंघन हुआ है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच एक IPS अधिकारी से कराई जा रही है। अदालत ने पुलिस को साफ संदेश दिया कि अधिवक्ताओं के साथ बदसलूकी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
वहीं, पुलिस की ओर से सफाई भी आई है।
डीसीपी विनीत बंसल ने कहा कि विवाद आधार कार्ड मांगने से शुरू हुआ और किसी को लॉकअप में नहीं डाला गया। SHO हमीर सिंह भाटी का कहना है कि अधिवक्ताओं ने पहले रीडर को धमकाया था और वायरल वीडियो का शुरुआती हिस्सा काटा गया है।
घटना के बाद वकील समुदाय ने इसे गंभीर मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब वीडियो, बयानों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। संबंधित पुलिसकर्मियों पर निलंबन और नोटिस जारी होने की संभावना भी जताई जा रही है।










