नगर निगम ग्रेटर जयपुर ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन की सभी तैयारियों को पुख्ता कर लिया है। आयुक्त रूकमणि रियाड़ ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के आदेश दिए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष और उनकी जिम्मेदारियां
नगर निगम ने ग्रेटर क्षेत्राधिकार में तीन प्रमुख बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं:
1. *मानसरोवर फायर स्टेशन*: इसके अंतर्गत सांगानेर और मानसरोवर जोन।
2. *मालवीय नगर फायर स्टेशन*: इसके अंतर्गत मालवीय नगर और जगतपुरा जोन।
3. *विश्वकर्मा फायर स्टेशन*: इसके अंतर्गत मुरलीपुरा, झोटवाड़ा और विद्याधर नगर जोन।
प्रत्येक जोन कार्यालय में भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जिनके प्रभारी संबंधित जोन के उपायुक्त होंगे।
आपदा प्रबंधन की तैयारी
आयुक्त रियाड़ ने बाढ़ के समय में जल निकासी के लिए मडपंप, पंपसेट, और मिट्टी के कट्टों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी खुले बिजली के तारों की मरम्मत की जाए ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि ना हो।
जोन उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का सर्वे करें और उन्हें चिन्हित करें ताकि किसी भी हादसे की संभावना को रोका जा सके।
कर्मियों की ड्यूटी
मानसरोवर, विश्वकर्मा, और मालवीय नगर फायर स्टेशनों पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता की ड्यूटी लगाई गई है। इन कर्मचारियों की ड्यूटी तीन पारियों में रहेगी:
– *प्रथम पारी*: सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक
– *द्वितीय पारी*: दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक
– *तृतीय पारी*: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक
हेल्पलाइन नंबर
नगर निगम ने आपातकालीन स्थिति में संपर्क करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
– *मानसरोवर फायर स्टेशन*: 0141-2395566, 8764880060
– *मालवीय नगर फायर स्टेशन*: 0141-2755930, 8764880030
– *विश्वकर्मा फायर स्टेशन*: 0141-2330080, 8764880070
आयुक्त रियाड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्राप्त होने वाली शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करें और उनका निस्तारण तत्काल करें। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने वायरलैस उपकरणों को चालू स्थिति में रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
इस प्रकार, नगर निगम ग्रेटर जयपुर ने मानसून के दौरान नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।










