जबलपुर में सायरन के साथ ही छाया अंधेरा:12 मिनट तक बंद रही लाइटें; मॉक ड्रिल-मॉल पर गिरे बम, लोगों का किया गया रेस्क्यू*

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*जबलपुर में सायरन के साथ ही छाया अंधेरा:12 मिनट तक बंद रही लाइटें; मॉक ड्रिल-मॉल पर गिरे बम, लोगों का किया गया रेस्क्यू*

*जबलपुर* समदड़िया मॉल में शाम करीब चार बजे एक के बाद एक दो बम गिरे। धमाकों के चलते मॉल की ऊपरी मंजिल पर आग लग गई। मॉल के प्रथम तल पर स्मोक बम गिरने से चारों ओर धुंआ फैल गया। मॉल में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। मॉल में हमले की खबर मिलते ही सायरन बज उठे। एक-एक कर पुलिस, एम्बुलेंस, नगर निगम के फायर फाइटर के वाहन सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंच गए। एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई। मॉल में फंसे लोगों को जमीन पर लेटने, टेबल के नीचे छिपने की सलाह देते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू कर दिया है।
आतंकी हमलों जैसी आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जबलपुर के चार स्थानों पर समदड़िया मॉल, गारमेंट क्लस्टर गोहलपुर, सिहोरा और पुराना गोरखपुर थाना पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

*रात 7:30 से 7:42 बजे तक (12 मिनट) शहर में ब्लैक आउट रहा*

एडीएम मिशा सिंह ने बताया कि मॉक ड्रिल समदड़िया मॉल में हुई। इसमें फायर और खाली कराने को लेकर एक्सरसाइज किया गया।

*धुएं से घिरे लोग, कपड़े से मुंह ढंकने की सलाह दी गई*

मॉल में चारों ओर बारूद के धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उन्हें मास्क दिए गए और कपड़े से मुंह ढंकने की सलाह दी गई। नगर निगम की फायर ब्रिगेड वाटर वाउचर से पानी की बौछारें करके आग बुझाने में जुटी है। पुलिस, होमगार्ड और अन्य रेस्क्यू टीमों के सदस्य मॉल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में लगे रहे है।

*आम नागरिकों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया*

पुलिस की एक टीम ने क्षेत्र की घेराबंदी कर सुरक्षा घेरा बनाना शुरू किया। क्षेत्र को प्लास्टिक रिबन से कवर कर दिया गया ताकि लोगों को एक सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिल सके और कोई बाहरी व्यक्ति घटनास्थल के नजदीक न आए।

स्ट्रेचर कम पड़ने पर घायलों को कंधों पर उठाकर बाहर लाया गया। मॉक ड्रिल के तहत सिविल डिफेंस की टीम सक्रिय हो गई थी। कलेक्टर, एसपी और निगमायुक्त भी मौके पर पहुंचे।

*जवान राहत और बचाव कार्यों में जुटे रहे*

एनडीआरएफ, एनसीसी कैडेट्स और होमगार्ड के जवान राहत और बचाव कार्यों में जुटे रहे। धमाकों से हो रहे धुएं के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा। सिविल डिफेंस टीम के एक सदस्य ने अनाउंसमेंट करके लोगों को बचाव के तरीके बताए और रास्ता खाली कराया गया।

*आपातकालीन रास्तों से घायलों को बाहर निकाला गया*

आपातकालीन रास्तों से घायलों को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों को निकालने से लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचाने तक की सभी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया। वहीं, चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को टर्न टेबल लैडर की मदद से नीचे उतारा गया।

*कलेक्टर बोले- इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं*

मॉक ड्रिल के समय सायरन बजाया गया। कलेक्टर ने कहा जब शाम को 12 मिनट के लिए ब्लैकआउट होगा तो सभी लोग अपने-अपने घरों की लाइट भी बदं कर दें। जिले के सभी शासकीय और अशासकीय कार्यालयों सहित केंद्रीय सुरक्षा संस्थानों की भी लाइट बंद रहेगी। ब्लैकआउट के समय जो भी गाड़ी चला रहा हो, वह उसे सड़क किनारे खड़ा करने के बाद उसकी लाइट बंद कर दे।

कलेक्टर ने आगे कहा कि यह सब हमें विपरीत परिस्थितियों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए करना पड़ रहा है। अधिक लाइट से एयर अटैक की संभावना रहती है, अत: इन परिस्थितियों को समझें और नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से जागरूक रहें।

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