*जबलपुर में पानी की समस्या: 10 करोड़ रुपये की समांनातर लाइन कहां गई?*
(यह एक बड़ा सवाल है कि 10 करोड़ रुपये खर्च करके बनाई गई समांनातर लाइन का क्या हुआ? शहर के नागरिकों को उम्मीद थी कि इससे उनकी पानी की समस्या हल होगी, लेकिन लगता है कि यह लाइन अभी तक काम नहीं आ रही है। नगर निगम और स्मार्ट सिटी को इस मामले में जवाब देना होगा और शहर के नागरिकों को बताना होगा कि उनके पैसे का उपयोग कहां और कैसे किया गया।)
*जबलपुर* आए दिनों फूटने वाली पाइपलाइन शनिवार को फिर बाजनामठ में रमनगरा जलशोधन संयंत्र की राइजिंग पाइप लाइन फूटने से शहर के करीब 28-30 वार्डों की करीब 6 लाख की आबादी को भुगतना पड़ा रहा है शहर के बड़े इलाके में हाहाकार मच गया है। शास्त्री नगर, मेडिकल, गढ़ा, पुरवा, गंगा नगर, धनवंतरि नगर, गुलौआ, यादव कालोनी, रानीताल, विजय नगर, करमेता, आईटीआई, बलदेवबाग, दमोहनाका, गोहलपुर, अधारताल इलाकों में पानी नहीं आ रहा है। 2012 में रमनगरा जल शोधन संयंत्र का निर्माण वर्ष 2012 में हुआ
रमनगरा संयंत्र से 20 उच्च स्तरीय टंकियां भरी जाती हैं शहर विकास के नाम पर नगर निगम, स्मार्ट सिटी द्वारा कराए गए पहले खोदो, फिर बनाओ और फिर खोदो जैसे अनियोजित कार्यों के चलते रमनगरा जलशोधन संयंत्र राइजिंग लाइन महज 13 साल में बूढ़ी हो गई। 38 वार्डों के करीब चार लाख नागरिकों को 18 टंकियों के जरिये पीने का पानी मुहैया कराने वाली राइजिंग मेनलाइन गुजरते वक्त के साथ इतनी कमजोर हो गई है कि कब फूट जाए या कहां लीकेज आ जाए कहा नहीं जा सकता।
*10 करोड़ रुपये खर्च वाली समांनातर लाइन कहां गई*
ऐसे हालात से निपटने के लिए 2019 में समांनातर लाइन बिछाने का काम हुआ था और निगम अधिकारियों द्वारा कहा जाता रहा कि समानांतर लाइन सहारा बनेगी जिसमें 10 करोड़ रुपये खर्च हुआ क्या वह भी पाइपलाइन फूट गई












