*जबलपुर कलेक्ट्रेट में रिकॉर्ड रूम का हुआ कायापलट: अब मिनटों में मिलेंगे पुराने दस्तावेज़*
(रिकॉर्ड रूम हुआ हाईटेक:14 लाख पन्नों का डिजिटलीकरण पूरा)
*जबलपुर* कलेक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम को अब पूरी तरह आधुनिक बना दिया गया है। जमीन और संपत्ति से जुड़े पुराने दस्तावेज, जो पहले कपड़े के बस्तों में पड़े रहते थे, अब क्रमबद्ध तरीके से प्लास्टिक के डिब्बों में सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इस व्यवस्था से आम नागरिकों को दस्तावेज तलाशने में काफी आसानी हो रही है
*पहले महीनों लग जाते थे नकल निकालने में*
पुरानी व्यवस्था में 80-90 साल पुराने कागजात कपड़े की पोटलियों में बेतरतीब ढंग से भरे रहते थे। कर्मचारियों को एक मुकदमे की फाइल ढूंढने और उसकी नकल निकालने में कई हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग जाता था। दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए रिकॉर्ड रूम में फफूंदनाशक और फंगस रोधी पाउडर का इस्तेमाल भी करना पड़ता था।
*अब हर केस की फाइल पॉलिथीन में पैक*
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मुकदमे के दस्तावेजों को अलग-अलग पारदर्शी पॉलिथीन में पैक किया गया है। फिर इन्हें नंबर और समयानुसार प्लास्टिक डिब्बों में सजाकर रखा गया है। इससे फाइलों को सहेजना और खोजना दोनों बेहद आसान हो गया है।
*डिजिटल डिस्प्ले से मिनटों में मिलेगी फाइल की लोकेशन*
रिकॉर्ड रूम के बाहर एक डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम लगाया गया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति दस्तावेज संख्या दर्ज कर यह देख सकता है कि संबंधित फाइल कहां रखी गई है। इससे फाइल की स्थिति जानने और संबंधित कार्रवाई कराने में अब समय की बचत होगी।
*14 लाख पन्नों का डिजिटलीकरण पूरा, 34 लाख अभी बाकी.. कलेक्टर*
कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने बताया कि इस तकनीकी बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। इसके साथ ही नागरिकों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे। अब तक करीब 14 लाख पन्नों का स्कैनिंग और डिजिटलीकरण हो चुका है, जबकि शेष 34 लाख पन्नों की प्रक्रिया जारी है।












