मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजराइल युद्ध ने हालात को बेहद भयावह बना दिया है। अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का रविवार को नौवां दिन है और अब तक इस संघर्ष में भारी तबाही देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के कई शहरों में मिसाइल और हवाई हमलों के कारण तेल भंडारण सुविधाओं और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इन हमलों के बाद कई इलाकों में तेल रिसाव और आग की घटनाएँ सामने आई हैं, जिससे हालात ऐसे बन गए हैं मानो सड़कों पर आग की नदियाँ बह रही हों।
ईरान के दक्षिणी और औद्योगिक क्षेत्रों में तेल टैंकों के फटने के बाद वातावरण में भारी धुएँ और कालिख का गुबार फैल गया। कई शहरों में लोगों ने “काली बारिश” जैसी स्थिति की शिकायत की है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश सामान्य नहीं बल्कि धुएँ और जले हुए तेल के कणों से मिश्रित प्रदूषित वर्षा हो सकती है, जो पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरनाक मानी जा रही है।
इस युद्ध में अब तक 1700 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं। हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में नागरिक अपने घर छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई शहरों में बुनियादी सेवाएँ जैसे बिजली, पानी और संचार भी प्रभावित हुए हैं, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।
दूसरी ओर इस संघर्ष का असर पड़ोसी देशों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लेबनान में इजराइल ने ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को रात सड़कों पर या अस्थायी शिविरों में गुजारनी पड़ रही है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक कई जगह बच्चों और महिलाओं ने खुले आसमान के नीचे रात बिताई क्योंकि लगातार बमबारी के कारण घरों में रहना असुरक्षित हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस युद्ध को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण है। दुनिया के कई देशों में इसके समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं। ब्रिटेन में शनिवार को एक ही दिन ईरान समर्थकों और अमेरिका समर्थकों ने अलग-अलग मार्च निकाले, जिससे यह साफ हो गया कि यह संघर्ष वैश्विक राजनीति को भी गहराई से प्रभावित कर रहा है।
इस बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई जारी रखी है। पिछले एक सप्ताह में ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन में तैनात अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) को निशाना बनाने की कोशिश की है। यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए लगाया जाता है और अमेरिका के प्रमुख रक्षा कवचों में से एक माना जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो पूरे मध्य-पूर्व में बड़े पैमाने पर अस्थिरता फैल सकती है। तेल बाजार, वैश्विक व्यापार मार्ग और क्षेत्रीय सुरक्षा सभी पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस युद्ध पर टिकी हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार तनाव कम करने की अपील कर रहा है।










