मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में नए सुप्रीम लीडर को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर कड़ा बयान देते हुए खुली चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान का नया सुप्रीम लीडर अमेरिका की मंजूरी के बिना चुना जाता है, तो वह ज्यादा समय तक सत्ता में टिक नहीं पाएगा।
ट्रंप का बयान: अमेरिका की मंजूरी जरूरी
ABC News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान को नए सुप्रीम लीडर के चयन में अमेरिका की भूमिका को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नया नेता अमेरिका की मंजूरी के बिना चुना जाता है, तो उसके लिए सत्ता में टिके रहना बेहद मुश्किल होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका भविष्य में ऐसी स्थिति नहीं चाहता, जहां हर कुछ वर्षों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बन जाए।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार हासिल न कर सके और क्षेत्र में अस्थिरता पैदा न हो।
ईरान में उत्तराधिकारी को लेकर संकेत
दूसरी ओर ईरान के भीतर नए सुप्रीम लीडर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। Ayatollah Mohsen Heidari Al-Ekassir ने दावा किया है कि नए सुप्रीम लीडर के लिए एक उम्मीदवार का चयन कर लिया गया है।
ईरानी मीडिया आउटलेट NoorNews द्वारा जारी एक वीडियो में हेदरी ने कहा कि चयनित उम्मीदवार ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो “दुश्मनों के लिए अस्वीकार्य” हो। उन्होंने बताया कि 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बहुमत द्वारा सबसे उपयुक्त उम्मीदवार पर सहमति बन चुकी है।
मोजतबा खामेनेई का नाम चर्चा में
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार संभावित उत्तराधिकारी के रूप में Mojtaba Khamenei का नाम भी चर्चा में है। हालांकि माना जा रहा है कि अमेरिका इस विकल्प को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। ट्रंप पहले भी मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के लिए “अस्वीकार्य विकल्प” बता चुके हैं।
पांच दशक में केवल दो सुप्रीम लीडर
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में सुप्रीम लीडर सर्वोच्च पद होता है और इसका चयन 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स द्वारा किया जाता है। पिछले लगभग पांच दशकों में ईरान में केवल दो ही सुप्रीम लीडर रहे हैं— Ruhollah Khomeini और Ali Khamenei।
अली खामेनेई ने करीब 37 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया और इस दौरान देश की विदेश नीति, सैन्य रणनीति और परमाणु कार्यक्रम पर उनका निर्णायक प्रभाव रहा।
खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी को तेहरान पर हुए अमेरिका और इजराइल के हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों में ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेता भी मारे गए थे। बताया गया कि उस हमले में मोजतबा खामेनेई बच गए थे।
इजराइल की भी सख्त चेतावनी
इसी बीच Israel ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह ईरान के नए सुप्रीम लीडर को भी निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इजराइली सेना का कहना है कि वह उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई कर सकती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव के बीच ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चयन अब केवल आंतरिक मामला नहीं रह गया है। अमेरिका, इजराइल और क्षेत्रीय शक्तियों की नजरें इस फैसले पर टिकी हुई हैं, जिससे आने वाले समय में पूरे क्षेत्र की रणनीतिक दिशा तय हो सकती है।










