नई दिल्ली, महात्मा गांधी की रेल यात्राओं को समर्पित “विशेष रेल कोच” का बुधवार को गांधी दर्शन, राजघाट के समीप केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी के राष्ट्र की एकजुटता के प्रति दृढ़ विचारों में रेल यात्राओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

यह रेल कोच गांधी जी के जीवनकाल के दौरान इस्तेमाल किए गए कोचों में से एक है, जिसे पुनर्निर्मित कर गांधी जी के दृष्टिकोण और विचारों को व्यावहारिक रूप से समझाने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। शेखावत ने कहा कि गांधी जी की रेल यात्राएँ उनके विचारों और दर्शन को साकार करने का एक प्रमुख साधन थीं।
विश्व की वर्तमान परिस्थिति में गांधीवादी दर्शन की प्रासंगिकता
कार्यक्रम में शेखावत ने कहा, “आज के विश्व में जिस तरह के भू-राजनीतिक तनाव हैं, जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-गाजा संघर्ष, गांधी जी का अहिंसा का सिद्धांत एक बार फिर अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। हमें गांधी जी के दर्शन को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है।”
स्वदेशी और स्वच्छता के प्रति गांधी जी का दृष्टिकोण
उन्होंने गांधी जी के स्वदेशी और स्वच्छता के सिद्धांतों पर जोर देते हुए कहा, “महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग अपना कर स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उनके जीवन में स्वच्छता और अहिंसा के बाद सबसे महत्वपूर्ण विषय स्वदेशी था। गांधी जी ने ग्रामीण कुटीर उद्योगों को सशक्त करने और विकास की गतिविधियों के विकेंद्रीकरण का आह्वान किया था।”
शेखावत ने भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार महात्मा गांधी के आदर्शों के अनुसार अहिंसा, स्वच्छता, और स्वदेशी के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
विशेष रेल कोच के दर्शन के लिए अपील
शेखावत ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस विशेष रेलवे कोच को देखने आएं और गांधी जी के दृष्टिकोण को और करीब से समझें। कार्यक्रम में गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल भी उपस्थित रहे।












