IIFA में 2000 करोड़ की कमाई, लेकिन राजस्थान सरकार ने क्यों दिए 100 करोड़?

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राजस्थान सरकार के 100 करोड़ रुपये के अनुदान को लेकर विपक्ष का हमला, जनता के पैसे की बर्बादी या राज्य की ब्रांडिंग?

जयपुर: राजस्थान में IIFA अवॉर्ड्स का भव्य आयोजन हुआ, जहां देश-विदेश के फिल्मी सितारों ने शिरकत की। लेकिन इस आयोजन के बाद अब राजनीतिक घमासान मच गया है। विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा है कि जब राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और गरीब जनता दो वक़्त की रोटी को मोहताज है, तब सरकार ने IIFA के आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपये क्यों खर्च किए?

IIFA को सरकार ने 100 करोड़ रुपये क्यों दिए?

विपक्ष का आरोप है कि राज्य सरकार ने बिना सोचे-समझे जनता के पैसे को इस आयोजन में झोंक दिया। कुल 100 करोड़ रुपये में—
50 करोड़ राज्य सरकार ने दिए।
30 करोड़ पर्यटन विभाग ने खर्च किए।
20 करोड़ RIICO (रीको) के माध्यम से दिए गए।

अब सवाल उठता है कि जब IIFA ने दो दिन में 2000 करोड़ से ज़्यादा की कमाई कर ली, तो उन्हें सरकार की आर्थिक सहायता की जरूरत क्यों पड़ी?

IIFA की कमाई कितनी और किसके लिए?

  • 5 लाख, 2.5 लाख और 1.5 लाख रुपये के महंगे टिकट बेचे गए।
  • विज्ञापन और स्पॉन्सरशिप से हजारों करोड़ की कमाई हुई।
  • शाहरुख खान को 2.5 लाख प्रति रात का होटल कमरा।
  • करीना कपूर के लिए 2.6 लाख प्रति रात का होटल कमरा।
  • विदेशी शराब, महंगे मांसाहारी-शाकाहारी व्यंजन, लग्ज़री सुविधाओं पर करोड़ों खर्च।

अब जनता सवाल उठा रही है—
👉 अगर IIFA खुद 2000 करोड़ कमा सकता है, तो उसे सरकार के 100 करोड़ की ज़रूरत क्यों पड़ी?
👉 क्या यह राजस्थान की जनता के टैक्स का दुरुपयोग नहीं है?
👉 क्या IIFA से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को कोई वास्तविक लाभ मिलेगा?

IIFA से राजस्थान की जनता को क्या मिला?

राज्य सरकार का दावा है कि IIFA से राजस्थान की ब्रांडिंग होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा। लेकिन हकीकत यह है कि—

  • आम जनता को कोई सीधा फायदा नहीं हुआ
  • समारोह स्थल पर पानी की एक बोतल 550 रुपये में बेची गई
  • दर्शकों को 10 किलोमीटर पैदल चलकर समारोह स्थल तक पहुंचना पड़ा
  • फिल्मी सितारों के लिए लग्ज़री सुविधाएं दी गईं, जबकि आम आदमी के लिए मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं

अब विपक्ष ने सरकार को घेरा है और पूछा है कि—
“जब राजस्थान के गरीब को रोटी नहीं मिल रही, महंगाई चरम पर है, तब सरकार फिल्मी सितारों के लिए 100 करोड़ क्यों दे रही है?”

सरकार की चुप्पी और जनता के सवाल

👉 गरीब को रोटी नहीं, लेकिन सितारों पर 100 करोड़ खर्च!
👉 IIFA की इतनी भारी कमाई के बावजूद सरकार का पैसा क्यों?
👉 क्या यह सिर्फ VIP लोगों का इवेंट था, जहां आम आदमी के पैसे से अमीरों की पार्टी करवाई गई?

“रोटी के लिए भटकते रहे लाखों लोग,
सरकार ने सितारों पर लुटा दिए 100 करोड़।”

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार जनता को जवाब देगी या यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह समय के साथ दब जाएगा?

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