भीनमाल (जालोर): इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) का जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस सम्मेलन में निष्पक्ष पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया गया, साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस कानून बनाए जाने की मांग उठाई गई।

निष्पक्षता: पत्रकारिता की नींव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भीनमाल विधायक समरजीत सिंह ने कहा कि पत्रकारिता में निष्पक्ष और सटीक खबरें प्रस्तुत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “एक समय था जब दिन की शुरुआत अखबार से होती थी, लेकिन आज मोबाइल पर खबरें मिल जाती हैं। इसके बावजूद निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना पत्रकारों की जिम्मेदारी है।”
तकनीक और पत्रकारिता का बदलता चेहरा
रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने पत्रकारिता में आए बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “पुराने समय में संभाग में केवल एक अखबार आता था, लेकिन अब तकनीक ने इस क्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है। आज की पत्रकारिता में तकनीक का प्रयोग बढ़ रहा है, लेकिन निष्पक्षता की आवश्यकता बनी हुई है।”
सुरक्षा कानून की मांग पर जोर
इस सम्मेलन का मुख्य मुद्दा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून की आवश्यकता थी। IFWJ प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा, “पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस कानून बनना चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के निष्पक्ष रिपोर्टिंग कर सकें। जनप्रतिनिधियों को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।”
भीनमाल विधायक समरजीत सिंह ने इस बात का समर्थन किया और कहा कि वे पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए आवाज उठाएंगे।

अनुकरणीय कार्यों का सम्मान
सम्मेलन के दौरान समाज में अनुकरणीय कार्य करने वाले लोगों का सम्मान भी किया गया। रानीवाड़ा की पार्वती देवी, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी बेटियों को शिक्षा और खेल में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया, को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। यूथ फॉर नेशन के नितेश भटनागर को रक्तदान में उनके अद्वितीय योगदान के लिए सराहा गया।
पत्रकारिता की चुनौती
सम्मेलन में सभी वक्ताओं ने निष्पक्ष पत्रकारिता की महत्ता पर बल दिया। रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल ने कहा, “पत्रकार जनता की आवाज हैं। वे समाज की समस्याओं को उठाते हैं और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि उन पर कार्रवाई की जाए।” कार्यक्रम का संचालन योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने किया, जिसमें कई प्रतिष्ठित पत्रकार और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

इस कार्यक्रम ने एक बार फिर पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्षता के मुद्दे को प्राथमिकता में लाने का काम किया।











