मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया शुभारंभ
जयपुर, 14 जनवरी।राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन को नया आयाम देते हुए, जयपुर के जल महल की पाल पर मकर संक्रांति के अवसर पर भव्य पतंग उत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गुब्बारे उड़ाकर इस उत्सव का शुभारंभ किया।
पतंगबाजी का रंगीन उत्सव
रंग-बिरंगी पतंगों से सजा आसमान
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण पतंगबाजी रही। जल महल के नीले आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों ने उत्सव के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। बच्चों और पर्यटकों के लिए पारंपरिक पतंग बनाने की कला का लाइव प्रदर्शन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने उड़ाई पतंग

मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उत्सव में भाग लेते हुए पतंग उड़ाकर लोगों का उत्साहवर्धन किया। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी पतंग उड़ाई और कलाकारों एवं पर्यटकों के साथ उत्सव में भागीदारी की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनी आकर्षण का केंद्र

लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियां
इस आयोजन में राजस्थान की लोक संस्कृति को जीवंत किया गया। लंगा गायन, कालबेलिया नृत्य, मयूर नृत्य और भपंग वादन जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने कलाकारों की सराहना की, वहीं विदेशी पर्यटक इन प्रस्तुतियों से अत्यधिक प्रभावित नजर आए।
स्थानीय व्यंजनों का स्वाद
पारंपरिक स्वाद का आनंद
दाल के पकौड़े, तिल के लड्डू, गजक और रेवड़ियों ने उत्सव को स्वादिष्ट बना दिया। देशी और विदेशी पर्यटकों ने इन व्यंजनों का लुत्फ उठाते हुए इसे यादगार बताया।
ऊंट की सवारी और पतंग प्रदर्शनी
पर्यटकों के लिए खास आकर्षण
ऊंट की सवारी और पतंग प्रदर्शनी ने देशी-विदेशी पर्यटकों का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने वाला बताया।
आने वाले वर्षों में और भव्य होगा आयोजन
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने घोषणा की कि इस उत्सव को आने वाले वर्षों में और भी भव्य रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह आयोजन न केवल राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है, बल्कि इसे वैश्विक पर्यटन के केंद्र में लाने का प्रयास है।”
उत्सव की सफलता में प्रशासन का योगदान
प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस आयोजन में पर्यटन विभाग के सचिव रवि जैन, आयुक्त विजयपाल सिंह, जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने उत्सव को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
जयपुर का यह पतंग उत्सव मकर संक्रांति के उल्लास और राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। यह आयोजन न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी एक यादगार अनुभव बन गया।










