*शासकीय स्कूलों में प्रारंभ हुई हैंगिंग लाइब्रेरी,अब चित्रों और कहानियों के माध्यम से बच्चे सीखेंगे पढ़ना,जिले में इटारसी से हुई प्रयोग की शुरुआत, कलेक्टर ने समझा कैसे करेंगे बच्चे पढ़ाई
इटारसी-आज के दौर में जब बच्चे मोबाइल की स्क्रीन पर ज्यादा समय देते है ऐसे में जिला प्रशासन ने शासकीय स्कूलों में नवाचार किया है। जिसकी शुरुआत इटारसी अनुविभाग एवं केसला ब्लॉक से की गई है।
जिसमें इटारसी और केसला ब्लॉक के 59 शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में बच्चों को पढ़ाने और मोबाइल से दूर रखने के लिए एक प्रयोग किया गया है। जिसमें इन्ही पुस्तकों से बच्चों को पढ़ाना जो उनके पाठ्यक्रम में शामिल न हो इस उद्देश्य को लेकर स्कूलों में हैंगिंग लाइब्रेरी के जरिए बच्चों को चित्रों और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
प्रत्येक हैंगिंग लाइब्रेरी में अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में लगभग 100 सुंदर सचित्र कहानी की किताबें हैं। जरूरत के हिसाब से द्विभाषी किताबें भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इस सुविधा ने सभी भौगोलिक और भाषाई बाधाओं को दूर करने में मदद की।आज जिला कलेक्टर सोनिया मीणा द्वारा इस अभियान का शासकीय पीएम श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिंधी कॉलोनी का निरीक्षण किया गया एसडीएम इटारसी टी प्रतीक राव के मार्गदर्शन में चल रहे नवाचार से अब बच्चे हाइटेक एजुकेशन की तरफ बढ़ रहे है।
बैगलोर की एंडी विलेज फाउंडेशन द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक स्कूल में टीम द्वारा बच्चों को पढ़ाया जाएगा साथ ही शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इस पूरे प्रयोग का जो मुख्य उद्देश्य है कि आज के दौर में जब बच्चे तेजी से मोबाइल स्क्रीन पर रहते हैं जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है। की बच्चों को कैसे मोबाइल से दूर कर वैसे ही शिक्षा दी जाए की उन्हें पढ़ाई करने की उमंग जगे,अभी यह प्रयोग मध्यप्रदेश में दूसरा और नर्मदापुरम जिला में केवल इटारसी अनुविभाग में किया गया है।











