जयपुर: राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने मंगलवार को राजभवन में एक विशेष समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि इन क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत व्यय की जाने वाली एक-एक पाई का हिसाब रखा जाए।
बैठक में राज्यपाल ने उच्च शिक्षा के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालयों में नैक (NAAC) की तैयारी और रैंकिंग वृद्धि के लिए अधिकाधिक प्रयास किए जाने पर जोर दिया। राज्यपाल ने इस कार्य की राजभवन स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग किए जाने की बात कही।
जनजातीय क्षेत्रों का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्यपाल ने कमजोर और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए लागू योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में वर्षा जल संरक्षण और बारिश के पानी को सहेजने के लिए कार्य किए जाने की आवश्यकता जताई। राज्यपाल ने आधारभूत सुविधाओं के विकास के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर वास्तविक कार्य हुआ है अथवा नहीं।
तकनीकी और कौशल विकास पर विशेष ध्यान
राज्यपाल ने तकनीकी शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थियों को कौशल विकास में व्यावहारिक रूप से समृद्ध किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि इसकी नियमित मॉनिटरिंग राजभवन स्तर पर की जाएगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा गांव गोद लेकर उनके विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों की भी विशेष रूप से समीक्षा की और व्यावहारिक प्रयासों पर जोर दिया।
राजभवन के अधिकारियों का योगदान
बैठक में राज्यपाल के सचिव गौरव गोयल ने राजभवन के स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के बारे में जानकारी दी। विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रभारी अधिकारियों ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति दी और राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूर्ण लगन और निष्ठा से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, और जनजातीय क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना था।










