जयपुर।राजस्थान की पारंपरिक लोक-संस्कृति का प्रतीक घूमर नृत्य इस बार एक नए और ऐतिहासिक रूप में देखने को मिलेगा। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग की पहल पर पहली बार घूमर महोत्सव–2025 का आयोजन 19 नवंबर को पूरे प्रदेश के सातों संभागीय मुख्यालय—जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और भरतपुर—में एकसाथ किया जाएगा। आयोजन से पहले ही मिलने वाले रिकॉर्ड पंजीकरण इस महोत्सव को प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा लोकनृत्य उत्सव बना रहे हैं।
4521 से अधिक ऑनलाइन और 500 ऑफलाइन पंजीकरण
पर्यटन विभाग के अनुसार अब तक 4521 ऑनलाइन और 500 ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। यह किसी भी लोकनृत्य आधारित कार्यक्रम के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि मानी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार जयपुर और जोधपुर में इस आयोजन को लेकर सबसे अधिक उत्साह देखने को मिल रहा है।
जोधपुर और जयपुर सबसे आगे
जिला-वार पंजीकरण में जोधपुर 1636 रजिस्ट्रेशन के साथ पहले स्थान पर है, जबकि जयपुर 1070 पंजीकरण के साथ दूसरे स्थान पर रहा। बीकानेर (635), अजमेर (557), भरतपुर (272), कोटा (193) और उदयपुर (158) से भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह स्प्ष्ट संकेत है कि घूमर के प्रति आकर्षण पूरे राजस्थान में तेजी से बढ़ रहा है।
युवा पीढ़ी का उत्साह चरम पर
आयु वर्ग के डेटा में 18–25 वर्ष आयु वर्ग सबसे अधिक उत्साहित दिखा, जिसमें 575 युवाओं ने पंजीकरण कराया। 26–35 वर्ग में 769 प्रतिभागी शामिल हुए। 50 से अधिक आयु के प्रतिभागियों की उपस्थिति भी खास रही, जिसने इस आयोजन को एक ‘इंटर-जनरेशनल फेस्टिवल’ का स्वरूप दिया।
स्कूल–कॉलेजों की मजबूत भागीदारी
समूह श्रेणी में स्कूल और कॉलेजों का दबदबा रहा। कुल 1993 आवेदन सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों से आए हैं। एनजीओ, स्वयंसेवी संस्थाएँ, सांस्कृतिक समूह और प्रोफेशनल डांसर्स ने भी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है।
काउंटडाउन में बढ़ती ऊर्जा
नवंबर महीने में ही 1509 आवेदन प्राप्त होने से यह स्पष्ट है कि महोत्सव नजदीक आते ही उत्साह और तैयारियाँ दोनों चरम पर हैं। अक्टूबर में यह संख्या 155 थी, जो नवंबर में कई गुना बढ़ गई।
घूमर का पुनर्जागरण
राज्य सरकार घूमर को राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान के रूप में वैश्विक मंच पर स्थापित करना चाहती है। 4521 से अधिक पंजीकरण यह संदेश देते हैं कि घूमर केवल नृत्य नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है।
पंजीकरण के असर से बढ़ी प्राइज मनी – जोधपुर और जयपुर को मिलेगी उच्च श्रेणी पुरस्कार राशि
इस बार पंजीकरण की संख्या ने सीधे प्राइज मनी पर असर डाला है। महोत्सव में पुरस्कार राशि दो श्रेणियों में रखी गई है—1500+ पंजीकरण वाले संभाग और 1500 से कम पंजीकरण वाले संभाग।
1. 1500+ पंजीकरण वाले संभाग (जोधपुर व जयपुर)
इन संभागों को उच्च श्रेणी की प्राइज मनी दी जाएगी।
विजेता श्रेणी
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बेस्ट ग्रुप डांस — ₹51,000
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बेस्ट ग्रुप कॉस्ट्यूम — ₹25,000
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बेस्ट ग्रुप ज्वेलरी — ₹25,000
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बेस्ट ग्रुप सिंक्रोनाइज़िंग — ₹22,000
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बेस्ट ग्रुप कोरियोग्राफी — ₹22,000
कुल विजेता राशि: ₹1,45,000
उपविजेता श्रेणी
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बेस्ट ग्रुप डांस — ₹31,000
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बेस्ट ग्रुप कॉस्ट्यूम — ₹15,000
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बेस्ट ग्रुप ज्वेलरी — ₹15,000
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बेस्ट ग्रुप सिंक्रोनाइज़िंग — ₹14,000
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बेस्ट ग्रुप कोरियोग्राफी — ₹14,000
कुल उपविजेता राशि: ₹89,000
2. 1500 से कम पंजीकरण वाले संभागों के लिए मानक पुरस्कार राशि
(बीकानेर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर)
विजेता श्रेणी
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ग्रुप डांस — ₹21,000
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कॉस्ट्यूम — ₹11,000
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ज्वेलरी — ₹11,000
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सिंक्रोनाइज़िंग — ₹11,000
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कोरियोग्राफी — ₹11,000
कुल विजेता राशि: ₹65,000
उपविजेता श्रेणी
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ग्रुप डांस — ₹11,000
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कॉस्ट्यूम — ₹7,000
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ज्वेलरी — ₹7,000
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सिंक्रोनाइज़िंग — ₹7,000
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कोरियोग्राफी — ₹7,000
कुल उपविजेता राशि: ₹39,000
राजस्थान 19 नवंबर को इतिहास रचने की ओर बढ़ रहा है, जब सातों संभाग एक साथ घूमर की ताल पर थिरकते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति का अनूठा प्रदर्शन करेंगे।










