जयपुर, राजस्थान में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS) 2024 के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सचिवालय में उद्योग-व्यापार जगत के प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसीएस वित्त अखिल अरोड़ा, प्रमुख सचिव डॉ. केके पाठक, मुख्य आयुक्त वाणिज्यिक कर विभाग डॉ. रवि कुमार सुरपुर और उद्योग आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने भाग लिया।
बैठक में औद्योगिक संगठनों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के सुझाव मांगे गए। फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (FORTI) की ओर से इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार को नए निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ पुराने निवेशकों और उद्योगपतियों की समस्याओं का भी समाधान करना चाहिए।
फोर्टी के प्रमुख सुझाव
1. रीको प्लॉट की रीसेल पर छूट: रीको में प्लॉट की रीसेल पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाए।
2. ब्याज दर में छूट: स्मॉल और मीडियम उद्योगों के लिए नए प्लांट और मशीनरी के लिए ब्याज दर में छूट प्रदान की जाए।
3. पाबंदियों को व्यवहारिक बनाना: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की पाबंदियों को व्यवहारिक बनाया जाए, ताकि उद्योगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
4. जीएसटी रिफंड: जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाए।
5. ट्रांसपोर्ट सब्सिडी: राज्य के बाहर उत्पादन ट्रांसपोर्ट के लिए सब्सिडी दी जाए।
6. मार्केटिंग और ब्रांडिंग सपोर्ट: सरकार की ओर से मैन्युफैक्चरर्स को मार्केटिंग और ब्रांडिंग सपोर्ट मिलना चाहिए।
7. वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी: केंद्र की तरह राज्य में भी वाहन स्क्रैपिंग पॉलिसी लागू होनी चाहिए।
8. ई-वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी: प्रदेश में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी बनाई जानी चाहिए।
9. सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग: सरकार की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग होनी चाहिए, ताकि उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।
फोर्टी ने अपने सुझावों के माध्यम से सरकार को यह स्पष्ट किया है कि पुराने निवेशकों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें प्रोत्साहित करना, नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। इससे राज्य में औद्योगिक विकास को नया आयाम मिलेगा और राजस्थान एक विकसित राज्य के रूप में उभरेगा। FORTI ने उम्मीद जताई है कि उनके सुझावों को RIPS-2024 में शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य का औद्योगिक विकास और तेज़ी से हो सकेगा।











