(राम गोपाल सिंह उईके / उजला दर्पण )
इटारसी (नर्मदापुरम)।
नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक में वन विभाग पर आदिवासी युवक के साथ अमानवीय बर्ताव का आरोप लगा है। ग्राम बारधा निवासी अजय लविस्कार को वन अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा और जातिसूचक गालियां दीं। इस घटना से पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित है और जल्द ही जिलेव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, बाघ शिकार प्रकरण में पूछताछ के नाम पर रेंजर अमित सिंह चौहान और उनकी टीम ने अजय लविस्कार को गाड़ी में बैठाकर हिरनछापड़ा नर्सरी ले जाया गया। वहां उसे एक कमरे में बंद कर 100 बैठक लगाने का दबाव बनाया गया। पीड़ित द्वारा केवल 20–25 बैठक लगाए जाने पर अधिकारियों ने उस पर गालियां बरसाईं और बेरहमी से मारपीट की।
पीड़ित पहले से बवासीर के मरीज हैं, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। अजय लविस्कार और उनके परिवार ने इस संबंध में कलेक्टर नर्मदापुरम को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
आदिवासी समाज का कहना है कि यह घटना न केवल एक व्यक्ति पर हमला है, बल्कि पूरे समाज का अपमान है। यदि दोषियों को सस्पेंड कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो हरदा, बैतूल, सोहागपुर, पिपरिया समेत पूरे जिले से हजारों आदिवासी सड़क पर उतरेंगे।
इस मुद्दे को लेकर आज कांग्रेस नेता उमंग सिंघार और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी अवगत कराया गया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य तारा वरकड़े, आदिवासी विकास परिषद जिला अध्यक्ष अरुण प्रधान, समाजवादी पार्टी नेता फगराम सेलूकर, विजय कावरे, दुर्गेश धुर्वे, आकाश कुशराम, सुमित सेलूकर, ईश्वरदास उइके, देवराज सरवन, जितेंद्र सिंह, प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आदिवासी नेताओं ने स्पष्ट कहा – “अगर न्याय नहीं मिला तो नर्मदापुरम की धरती पर इतना बड़ा आंदोलन होगा, जिसकी गूंज भोपाल तक सुनाई देगी।”











