वन विभाग की हैवानियत! बीमार युवक को कमरे में बंद कर की पिटाई, ग्रामसभा में उग्र विरोध, कार्रवाई की मांग

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(रामगोपाल सिंह उईके / उजला दर्पण )

नर्मदापुरम, बारधा रैयत | 30 अगस्त 2025

नर्मदापुरम जिले के बारधा रैयत गांव में वन विभाग की कथित बर्बरता के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। 26 अगस्त को हुई इस घटना के विरोध में गांव में पारंपरिक ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने शामिल होकर एकजुटता दिखाई। सभा में वन विभाग के रेंजर अमित सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

गांव के युवक अजय लाविस्कार, जो कि लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे हैं, को वन विभाग की टीम ने दुकान से जबरन उठा लिया और हिरणचापड़ा स्थित कार्यालय ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि वहां रेंजर ने अजय को जबरन 100 बार उठक-बैठक करने को कहा। बीमारी के कारण अजय यह सजा पूरी नहीं कर सके, जिसके बाद रेंजर ने उन्हें गालियाँ देते हुए बेरहमी से पीटा, जिससे उनके शरीर से खून बहने लगा।

इतना ही नहीं, शाम 8 बजे तक उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, और गालियाँ देते हुए रास्ते में छोड़ दिया गया। यह घटना न सिर्फ मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि पूरे आदिवासी समुदाय की गरिमा पर हमला है।

ग्रामसभा का आक्रोश: “यदि न्याय नहीं मिला, तो होगा आंदोलन!”

इस अमानवीय घटना से आक्रोशित होकर ग्राम बारधा रैयत में बुलाई गई ग्रामसभा में लगभग 250 से अधिक ग्रामीणों ने भाग लिया। सभा में एकमत से निर्णय लिया गया कि रेंजर अमित चौहान के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह निर्णय कलेक्टर सोनिया मीणा को भी ग्रामसभा की अनुशंसा के रूप में भेजा गया।

सभा की अध्यक्षता रामप्रसाद बारस्कर ने की। इस दौरान कोरकू समाज के अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद नागले, प्रदेश संयोजक दुर्गेश धुर्वे, जनपद अध्यक्ष गंगाराम कलमे, सरपंच गुलाब सिंह बारस्कर, योजना प्रमुख जय सिंह बारस्कर, उपसरपंच तारा सिंह यादव, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभा में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो गांववाले जन आंदोलन शुरू करेंगे और इस अन्याय के खिलाफ बड़ा संघर्ष छेड़ेंगे।

आदिवासी समुदाय की गरिमा का प्रश्न

यह मामला सिर्फ एक युवक की पिटाई तक सीमित नहीं है। यह आदिवासी समाज की गरिमा, अधिकार और न्याय की लड़ाई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो जनता पर अपनी ताकत का दुरुपयोग करते हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है, या फिर एक और अन्याय की कहानी सिर्फ फाइलों में दफ्न हो जाएगी।

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