डॉ. संतोष पांडेय ने स्मार्ट निवेश और तुषान्त भोई ने सिखाए व बैंकिंग के मंत्र, सैकड़ों प्रतिभागियों को मिला वित्तीय मार्गदर्श
V W Canyon होटल में आयोजित मनी इन्वेस्टिंग सेमिनार बना आर्थिक जागरूकता का प्रभावी मंच
शहर में आयोजित ‘मनी इन्वेस्टिंग सेमिनार’ में मुख्य वक्ता डॉ. संतोष पांडेय और विशिष्ट प्रस्तोता तुषान्त भोई ने निवेश, बैंकिंग, ट्रेड फाइनेंस और लोन से जुड़ी अहम जानकारियाँ साझा कीं। यह कार्यशाला V W Canyon होटल में संपन्न हुई, जहाँ शहर के विभिन्न वर्गों से सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य युवाओं और उद्यमियों को वित्तीय जागरूकता देना और बैंकिंग प्रणाली की जटिलताओं को सरलता से समझाना था।
डॉ. पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि आज के आर्थिक परिदृश्य में सही निवेश रणनीति अपनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे समय रहते वित्तीय अनुशासन को अपनाएँ और बैंकिंग तथा निवेश के मूलभूत सिद्धांतों को समझें। उन्होंने कहा, “आज की पीढ़ी को बैंकिंग और निवेश के सही ज्ञान से ही आर्थिक स्वतंत्रता हासिल होगी।”
इस अवसर पर तुषान्त भोई ने भी बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली को आसान और व्यावहारिक भाषा में समझाया। उनकी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को बैंकिंग प्रक्रियाओं को गहराई से समझने का अवसर मिला। प्रतिभागियों का कहना था कि इस जानकारी से उन्हें भविष्य में योजनाबद्ध आर्थिक निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
डॉ. पांडेय ने यह भी बताया कि ट्रेड फाइनेंस और समय पर लिए गए लोन कैसे किसी भी व्यवसाय को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस तरह उचित वित्तीय योजनाएं व्यवसायिक सफलता की कुंजी बन सकती हैं।
एक युवा उद्यमी ने प्रतिक्रिया दी, “डॉ. पांडेय के मार्गदर्शन से हमें अपने व्यवसाय को सुरक्षित और लाभदायक निवेश की दिशा मिली।” वहीं एक छात्र ने कहा, “ऐसे सेमिनार युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि इससे बैंकिंग और निवेश की बारीकियों की जानकारी मिलती है।”
कार्यक्रम के अंत में डॉ. पांडेय ने घोषणा की कि निकट भविष्य में और भी कई ऐसे सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, ताकि वित्तीय साक्षरता को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया जा सके।
इस सेमिनार की गरिमा को और बढ़ाने हेतु कई विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहे, जिनमें अपोलो कुजुर (सेवानिवृत्त अधीक्षक, केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग), एंथनी तुर्के (सेवानिवृत्त उप निदेशक, उद्योग विभाग), जॉन एक्का (सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक, सेंट्रल बैंक), प्रभात लाकड़ा (सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक वित्त, राज्य वित्त विभाग), बी. बारा (सेवानिवृत्त एडीजीपी, सीआईबी विभाग), मीना नायडू (सेवानिवृत्त एएसपी, दिल्ली पुलिस), विजय तुर्के (डीएसपी, पुलिस विभाग), और बर्नार्ड केरकेट्टा (सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी, सेंट्रल बैंक) प्रमुख हैं।ऊकार्यक्रम को सफल बनाने में जिन सहयोगियों की भूमिका सराहनीय रही, वे हैं चंदन टोप्पो, विवेक गुप्ता और उमाशंकर गुप्ता। इसके अलावा अनेक प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाकर आयोजन को प्रभावशाली बनाया। यह सेमिनार न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि आने वाले समय में आर्थिक रूप से सशक्त समाज की दिशा में एक मजबूत पहल भी सिद्ध हुआ।












