जयपुर। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय, जयपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल, डीजी स्पेशल ऑपरेशन आनंद श्रीवास्तव, जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्त, सभी रेंज आईजी, पुलिस आयुक्त व पुलिस अधीक्षक सहित जीआरपी के अधिकारी शामिल हुए।

डीजीपी ने बताया कि बीते दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन अब संगठित अपराध और धमकी देकर वसूली करने वाली गैंगों पर विशेष फोकस की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी गैंगों के सभी सदस्यों के डोजियर तैयार किए जाएं और नए आपराधिक कानूनों के तहत उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
उन्होंने नशा कारोबार पर कड़ी कार्रवाई का आदेश देते हुए कहा कि NDPS और BNS के प्रावधानों का सख्ती से उपयोग किया जाए ताकि राज्य में नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके। इस दौरान जनवरी से अक्टूबर 2025 तक अपराधों की स्थिति, नियंत्रण के प्रयासों और उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
डीजीपी शर्मा ने कानून व्यवस्था मजबूत करने, साइबर अपराधों पर रोक लगाने, अवैध हथियारों व मादक पदार्थों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई करने और सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए फोर व सिक्स लेन पर अनुशासित ड्राइविंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाल ही में देश में हुई घटनाओं को देखते हुए सतर्कता जरूरी है, इसलिए आसूचना तंत्र को सक्रिय रखा जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी सुरक्षा-संबंधी घटना की सूचना तत्काल डीजी लॉ एंड ऑर्डर तथा अन्य संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए ताकि समय पर मार्गदर्शन व सहयोग मिल सके।
बैठक में अदालतों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। सभी जिलों को समय पर जवाब पेश करने और न्यायिक आदेशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने ई-साक्ष्य और ई-सम्मन प्रणाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।
पर्यटन सीजन को देखते हुए डीजीपी ने कहा कि मार्च तक राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, ऐसे में पुलिस को पर्यटकों को बेहतर सहयोग देने और सुरक्षा वातावरण मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों, बॉर्डर एरिया और प्रमुख सड़कों पर सीसीटीवी नेटवर्क बढ़ाने पर जोर दिया।
सड़क सुरक्षा के लिए तेज गति, नशे में ड्राइविंग, अवैध पार्किंग और लेन अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वर्ष 2025 में कॉन्स्टेबल के 10,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने पर भी सहमति बनी। लिखित परीक्षा का परिणाम जल्द जारी किया जाएगा और सफल उम्मीदवारों की पीईटी/पीएसटी प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।
बैठक का समापन एडीजी अपराध हवासिंह ने सभी विभागों की प्रतिबद्धता दोहराते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया।










