जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस को पूरी सतर्कता और मुस्तैदी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि कानून का इकबाल बुलंद रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। महिला अपराध और एससी-एसटी वर्ग के प्रति अपराधों में कमी लाने के लिए पुलिस की हौसला अफजाई की गई, जबकि साइबर अपराध और अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना होगा या प्रदेश छोड़कर जाना होगा।” पुलिस को असामाजिक तत्वों की रोकथाम के लिए खूफिया तंत्र का बेहतरीन उपयोग करने की हिदायत भी दी गई।
महिला और एससी-एसटी अपराधों में आई उल्लेखनीय कमी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कुल अपराधों में 7.3 प्रतिशत, महिला अत्याचारों में 8.8 प्रतिशत, और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचारों में 13.96 प्रतिशत की कमी आई है। यह उपलब्धि पुलिस की सजगता और सतर्कता का परिणाम है।
नशे के विरुद्ध कठोर कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने नारकोटिक्स विभाग को युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाने के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “नशा सिर्फ युवा पीढ़ी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए घातक है।”
जेलों में मोबाइल फोन की घटनाओं पर रोक
जेलों में मोबाइल फोन के दुरुपयोग पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित जेल कार्मिकों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्थान पुलिस का बेहतरीन कार्य
पेपरलीक प्रकरणों में एसओजी की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस ने पूरे देश में अपनी साख बनाई है। उन्होंने पुलिस थानों में वुमन हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, और सीसीटीवी मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों की भी समीक्षा की।










