जयपुर: भाजपा महामंत्री और खंडार विधानसभा से विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा अयोध्या, महेंद्रीपुर बालाजी सहित धार्मिक स्थलों से लोकसभा चुनावों पर दिए जा रहे बयानों की कड़ी निंदा की। गोठवाल ने कांग्रेसी नेताओं के बयानों का पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा धर्म और धार्मिक स्थलों के विकास के नाम पर राजनीति नहीं करती, यह काम कांग्रेसी नेताओं का है।
कांग्रेसी नेताओं पर आरोप
गोठवाल ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं ने देश को धर्म और जाति के नाम पर बांटा और सदैव चुनावी वोटबैंक की राजनीति की। कांग्रेस श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों में दी गई सहयोग राशि को भी वोटबैंक की तुष्टिकरण के लिए समुदाय विशेष पर खर्च कर देती है। उस समय उसे धर्म की मर्यादा और लोककल्याण की भावनाएं दिखाई नहीं देती।
भाजपा का दृष्टिकोण
गोठवाल ने जोर देकर कहा कि भाजपा मंदिरों का विकास जनभावनाओं को ध्यान में रखकर आस्था और श्रद्धा के लिए करवाती है। भाजपा जब जब भी मंदिरों की बात करती है तो सिर श्रद्धा से झुक जाता है। दूसरी ओर, कांग्रेसी नेता और उनके आलाकमान रामसेतु तक के अस्तित्व को लेकर ही सवाल उठा रहे थे। जबकि रामसेतु को विज्ञान ने भी मान लिया है।
खाटू श्याम मंदिर का विकास
गोठवाल ने बताया कि प्रदेश में भजनलाल सरकार ने देवस्थान विभाग की मांगों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के श्रद्धा का केंद्र खाटू श्याम मंदिर के विकास के लिए 100 करोड़ रूपए की घोषणा की। इसकी प्रदेश में ही नहीं, देशभर से श्याम भक्त भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं। भाजपा निस्वार्थ भक्तों की श्रद्धा का ध्यान रखते हुए मंदिरों का निर्माण और विकास कार्य करती है।
पिछली कांग्रेस सरकार की आलोचना
भाजपा महामंत्री जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने रंगरोगन और मरम्मत के लिए तय किए गए 553 मंदिरों में से केवल 217 मंदिरों में ही रंगरोगन करवाया। जबकि भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के 600 मंदिरों को विशेष आयोजनों पर सजाने और रोशनी करने के आदेश जारी कर दिए। यह फैसला भाजपा और कांग्रेस के दृष्टिकोण का स्पष्ट अंतर दर्शाता है।
गोठवाल ने कहा कि पिछली सरकार ने जन जन के श्रद्धा का केंद्र और प्रथम पूज्य त्रिनेत्र गणेश भगवान मंदिर में 5 साल के दौरान एक रुपया भी काम नहीं करवाया। इसलिए आज कांग्रेस विपक्ष में है और भाजपा सत्ता में बैठी है।










