कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता को लेकर की बैठक

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( उजला दर्पण रामगोपाल सिंह सीनियर रिपोर्टर मध्य प्रदेश )

जबलपुर कलेक्‍टर श्री राघवेन्‍द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्‍याय ने आज सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता को लेकर कलेक्‍ट्रेट सभागार में बैठक की। इस दौरान शहर के सभी प्रमुख कॉलेज, स्‍कूल, कोचिंग संस्‍थान व पेट्रोल पम्‍प संचालक मौजूद थे। बैठक में सड़क सुरक्षा की आवश्‍यकता व महत्‍व के संबंध में जानकारी देते हुए कहा गया कि सबसे महत्‍वपूर्ण बात जीवन की सुरक्षा है, अत: जीवन बचाने के लिए वाहन चलाते समय सीट बेल्‍ट व हेलमेट लगाने के साथ सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्‍यक है। बैठक में उपस्थित सभी लोगों से कहा गया कि वे अपने-अपने संस्‍थानों में सड़क सुरक्षा को लेकर सीट बेल्‍ट व हेलमेट की आवश्‍यकता के बारे में अवश्‍य बतायें, सकरात्‍मक जागरूकता लायें और सड़क‍ सुरक्षा के इस अभियान के लिए प्रेरित भी करें। कॉलेज, स्‍कूल, कोचिंग संस्‍थानों में अध्‍ययनरत विद्यार्थियों को इस विषय में बतायें। साथ ही उनके अविभावकों तक यह संदेश पहुंचाये और वाहनों के फिटनेस के संबंध में भी सहमति पत्र भरवायें। बैठक में बताया गया कि पूरे प्रदेश में जबलपुर सड़क दुर्घटनाओं में उच्‍च स्‍थान पर है, यहां लगभग 4 हजार दुर्घटनाएं प्रतिवर्ष होती हैं, जो अधिकांशत: यातायात में निर्धारित सुरक्षा साधनों के नहीं अपनाने के कारण होती है। जबलपुर में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं से 523 लोगों की असामयिक मृत्‍यु हुई, जिनमें 246 सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हैं। हर माह लगभग 25 व्‍यक्ति सड़क दुर्घटना में दुनिया छोड़कर जा रहे हैं, अत: स्‍कूल कॉलेजों में इस संबंध में जागरूकता लायें कि विद्यार्थी बिना सीट बेल्‍ट व हेलमेट के वाहन न चलायें। साथ ही वाहन की फिटनेस भी सही हो। इस दौरान पेट्रोल पम्‍प संचालकों से कहा गया कि वे भी बिना हेलमेट वालों को पेट्रोल न दें, यदि इस प्रकार के तथ्‍य सामने आते हैं कि वे सड़क सुरक्षा अभियान में सहभागी नहीं हो रहे हैं तो उनके पेट्रोल पम्‍प को सील कर दिया जायेगा। सड़क सुरक्षा अभियान सिर्फ प्रशासनिक ही नहीं एक सामाजिक कार्य भी है, क्‍योंकि हर परिस्थिति में जीवन को बचाना पहला कर्तव्‍य है।
कलेक्‍टर श्री सिंह ने भी कहा कि इसमें सभी का सहयोग रहे, लोगों को यातायात सुरक्षा के बारे में जागरूक करें कि वाहन चलाते समय सीट बेल्‍ट और हेलमेट के साथ अन्‍य सुरक्षा मानकों का ध्‍यान रखें। इसके लिए उन्‍होंने हेलमेट रैली करने के लिए स्‍वयं सेवी संगठनों के सहयोग लेने के लिए कहा। उन्‍होंने जिला शिक्षा अधिकारी से कहा कि वे 15 दिन के भीतर स्‍कूल वाहन चलाने वाले ड्राइवरों व वाहनों के फिटनेस रिपोर्ट सुनिश्चित करें। कलेक्‍टर श्री सिंह ने प्राइवेट स्‍कूल संचालकों से भी कहा कि वे सड़क सुरक्षा के मापदंडो का पालन करें, प्रशासनिक स्‍तर पर दिये जा रहे निर्देशों का पालन करें। यदि वे पालन नहीं करते हैं तो उनकी संस्‍थाओं की मान्‍यता को लेकर भी विचार किया जायेगा। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि यदि कहीं भी कोई विद्यार्थी सड़क दुर्घटना में हताहत होता है तो संबंधित विद्यालय व संस्‍था की जिम्‍मेदारी मानी जायेगी कि वे सड़क सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन नहीं दिये हैं। उन्‍होंने कोचिंग संस्‍थानों से भी ऐसी ही आपेक्षाएं व्‍यक्‍त की तथा पेट्रोल पंप संचालकों को भी कहा कि वे जीवन की सुरक्षा को लेकर किये जा रहे इस अभियान में सहभागी बने।
पुलिस अधीक्षक श्री उपाध्‍याय ने कहा कि सीट बेल्‍ट और हेलमेट लगाने को अपनी आदत में शामिल करें। यदि सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के इन प्रयासों से भी कुछ सुधार होता है तो जीवन बचाने में एक महत्‍वपूर्ण कदम होगा। इसके अलावा ई-रिक्‍शा और एलपीजी गैसकिट लगे वाहनों को नियंत्रित करने के संबंध में भी आवश्‍यक निर्देश दिये तथा जहां-जहां ब्‍लैक स्‍पॉट हैं वहां आवश्‍यक सुरक्षा साधन सुरक्षित करने के लिए निर्देश दिये गये।
बैठक में एडीशनल एसपी ट्राफिक श्रीमती अंजना तिवारी ने सड़क सुरक्षा को लेकर विस्‍तार से जानकारी दी और कहा कि चालानी कार्यवाही एक सुधारात्‍मक कार्यवाही है, लेकिन जीवन बचाने के लिए यातायात सुरक्षा के मानकों को अनिवार्य रूप से अपनाना ही होगा। इसके लिए उन्‍होंने सकारात्‍मक तरीके से सभी वाहन चालकों को प्रेरित करने के निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्‍टर श्री नाथूराम गोंड सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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