*सिविल सर्विस दिवस: नागरिकों की सेवा का पर्व*
*जबलपुर* आज सिविल सर्विस दिवस है, यानी नागरिकों की सेवा का दिन। इस अवसर पर, हम जबलपुर के कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना की कार्यशैली को देखेंगे, जो अपनी मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।
*कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना: एक सेवक*
*मैं कभी हारता नही*
*या तो मैं जीतता हूँ*
*या फिर सीखता हूँ।।*
इन शब्दों को अपने जीवन का ब्रह्म वाक्य मानने वाले जबलपुर के कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना ने अपने कार्यकाल के कुछ महीनों के भीतर ऐसी कार्यवाहियां की जो उनकी मानवीय संवेदनाओं और जनकल्याण को उजागर करती हैं उन्हें जिले की बागडोर उस वक्त सौंपी गई थी जब किसान वर्ग परेशानियों से जूझ रहा था जाहिर है किसी भी शहर को समझने उसे जानने और उस हिसाब से अपनी कार्य पद्धति बनाने में वक्त लगता है कई चुनौतियां भी उनके सामने थी लेकिन कहा जाता हैं ,*”जन्हां चाह होती है तो रास्ते अपने आप खुलते जाते हैं”* यही कारण था कि अपनी बेबाक छवि, शानदार कार्य करने का अंदाज, कर्म परख, कर्म प्रधान, श्री दीपक सक्सेना ने जबलपुर में कर्तव्य का निर्वहन करते हुए ऐसे कार्य किए हैं निजी स्कूलों और चंद पुस्तक विक्रेताओं द्वारा की जा रही लूट के खिलाफ श्री सक्सेना ने ऐसी अभिनव पहल की जो पहले जबलपुर के इतिहास में कभी नहीं हुई अनेक ऐसे स्कूलों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर ली गई हो बेहद रसूख वाले लोगों के थे इसके अलावा शहर के उन बदनाम बुक सेलर्स पर छापे डालकर हजारों की संख्या में फर्जी किताबे जब्त की। निसंदेह ये एक ऐसा कदम था जिसने अभिभावकों को इस लूट से बचाने का प्रयास किया जिसमें वे पूरे रुप से सफल हुए जो संस्कारधानी के इतिहास के पन्नों में दर्ज हो रहे हैं उन्होंने संस्कारधानी का नाम पूरे भारत में रोशन कर दिया
*नागरिकों के लिए समर्पण*
कलेक्टर श्री सक्सेना ने निजी स्कूलों और चंद पुस्तक विक्रेताओं द्वारा की जा रही लूट के खिलाफ कार्रवाई की और अनेक स्कूलों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर लीं। इसके अलावा, उन्होंने शहर के बदनाम बुक सेलर्स पर छापे डालकर हजारों की संख्या में फर्जी किताबें जब्त कीं।
*सिविल सर्विस दिवस की बधाई*
आज सिविल सर्विस दिवस पर, हम सभी सिविल सेवकों को बधाई देते हैं जो अपनी सेवा और समर्पण के साथ नागरिकों की सेवा में जुटे हुए हैं। कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना जैसे अधिकारियों की कार्यशैली हमें प्रेरित करती है कि हम भी अपनी सेवा और समर्पण के साथ नागरिकों की सेवा में जुटें।
*निष्कर्ष*
कलेक्टर श्री दीपक सक्सेना की कार्यशैली हमें सिखाती है कि सिविल सेवा का अर्थ केवल नौकरी नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सेवा का एक पवित्र कार्य है। आज सिविल सर्विस दिवस पर, हम सभी को अपनी सेवा और समर्पण के साथ नागरिकों की सेवा में जुटने का संकल्प लेना चाहिए।












