जयपुर, राज्य में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जोरदार शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर अपनी माताजी गोमती देवी के साथ बेल का पौधा लगाकर इस अभियान की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “पेड़ हमारे सबसे बड़े मित्र हैं। वे न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि मिट्टी का कटाव रोकते हैं और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, पेड़ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।” उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और पर्यावरण को स्वच्छ व हरा-भरा रखने में अपना योगदान दें।
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस पर नई दिल्ली के बुद्ध जयंती पार्क में पीपल का पौधा लगाकर आरंभ किया गया था। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आग्रह किया था कि वे अपनी माताजी के नाम पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आगे कहा कि पेड़ न केवल पर्यावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करते हैं। इस अभियान के माध्यम से उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पेड़ लगाने की अपील की है।
राज्य सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं की भी घोषणा की है। इनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण के लिए मुफ्त पौधे वितरित करना, पौधों की देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्कूलों में पर्यावरण शिक्षा को बढ़ावा देना शामिल है।
अभियान की शुरुआत के इस अवसर पर विभिन्न सरकारी अधिकारियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और वृक्षारोपण किया। इस पहल का उद्देश्य राज्य को हरित बनाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पेड़ लगाना न केवल हमारी जिम्मेदारी है बल्कि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा भी है। हमें अपने पूर्वजों से यह सीख मिली है कि पेड़-पौधे धरती का श्रृंगार हैं और इन्हें संरक्षित करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि हर साल इस अभियान के अंतर्गत सबसे अधिक पेड़ लगाने वाले जिलों और व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इस पहल से लोगों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे अधिक सक्रिय रूप से इस दिशा में कार्य करेंगे।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान राज्य भर में जोर-शोर से चलाया जा रहा है और इसके तहत हजारों पौधे लगाए जाने की योजना है। इस अभियान से न केवल पर्यावरण को सुधारने में मदद मिलेगी बल्कि लोगों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा।










