जयपुर, 14 नवंबर 2025। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को मिली भारी जीत को जनता का अभूतपूर्व विश्वास करार देते हुए बिहार की जनता के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों में हुए विकास कार्य—बिजली, सड़क, रेलवे और फ्लाईओवर जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार—ने बिहार की तस्वीर बदली है, और जनता ने इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर एनडीए को स्पष्ट जनादेश दिया। राठौड़ के अनुसार, विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री के खिलाफ चलाई गई नकारात्मक, हल्की और भ्रामक बयानबाजी का जनता ने मतदान के माध्यम से सटीक और करारा जवाब दिया है।
उन्होंने विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सत्ता-लालसा में गठित बेमेल समूह को जनता ने पूरी तरह नकार दिया। ऐसे दल जिनकी विचारधाराओं में जरा भी समानता नहीं थी, केवल सत्ता पाने के लिए एकत्र हुए, लेकिन जनता ने भ्रम फैलाने की उनकी कोशिशों को नष्ट कर दिया। राठौड़ ने कांग्रेस की खराब स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 243 सीटों में 1–2 सीटें जीतने का संघर्ष बताता है कि उनका जनाधार लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन कर अपनी कार्यशैली सुधारनी चाहिए। लालू यादव के भ्रष्टाचार और राहुल गांधी से समझौते को भी उन्होंने विपक्ष की पराजय का मुख्य कारण बताया।
अंता उपचुनाव की जिम्मेदारी स्वयं ली — “जनादेश का सम्मान, त्रुटि की समीक्षा कर सुधार करेंगे”
अंता विधानसभा उपचुनाव में हार पर राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि संगठन के मुखिया के रूप में यह उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने जनता के जनादेश को सहर्ष स्वीकार करते हुए कहा कि जहां त्रुटि हुई होगी, उसकी गंभीर समीक्षा कर सुधार किया जाएगा। उन्होंने अंता की शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया के लिए जनता का आभार व्यक्त किया और विजेता उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया को शुभकामनाएँ दीं।
राठौड़ ने स्वीकार किया कि राज्य सरकार के विकास कार्यों को जनता तक प्रभावी रूप से नहीं पहुँचाया जा सका और कांग्रेस द्वारा फैलाए गए भ्रम को समय रहते दूर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती थी कि जनता एक सेवाभावी और स्थानीय उम्मीदवार को मौका दे, लेकिन जनजागृति की कमी स्पष्ट दिखी। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठनात्मक स्तर पर गंभीर समीक्षा करेगी और जहाँ “ऑपरेशन” की आवश्यकता होगी, वहाँ सुधार लागू किए जाएंगे।
“एक सीट जीतकर खुशियां मनाने वालों को बिहार में मिली हार पर भी आत्ममंथन करना चाहिए”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि जो लोग एक सीट जीतकर जश्न मना रहे हैं, उन्हें बिहार में अपनी गठबंधन की दयनीय स्थिति भी देखनी चाहिए। यदि राष्ट्र प्रथम की भावना होती, तो वे ईवीएम पर आरोप लगाने के बजाय आत्मचिंतन करते। राठौड़ ने कहा कि उपचुनाव और आम चुनाव अलग मुद्दे होते हैं, इसलिए अंता का परिणाम सत्ता परिवर्तन का संकेत नहीं देता, बल्कि आने वाली रणनीति को और मजबूत करने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि जैसे लंबी छलांग से पहले खिलाड़ी पीछे जाता है, उसी प्रकार भाजपा इस परिणाम को भविष्य की मजबूत छलांग की तैयारी मानकर आगे बढ़ेगी।










