भोपाल में संपन्न हुई राज्य स्तरीय बैठक, शिक्षक संदर्भ समूह के कामकाज को लेकर कई अहम फैसले ।

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भोपाल में संपन्न हुई राज्य स्तरीय बैठक, शिक्षक संदर्भ समूह के कामकाज को लेकर कई अहम फैसले ।

भोपाल | 29 मई 2025 ( शाइनी सेन की रिपोर्ट – उजला दर्पण समाचार पत्र)
शिक्षक संदर्भ समूह की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक भोपाल में आयोजित हुई, जिसमें शिक्षकों की भूमिका, संगठन की संरचना और आगामी योजनाओं पर अहम फैसले लिए गए। बैठक में राज्य समन्वयक उमा उपाध्याय सहित कई शिक्षक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में चर्चा के बाद लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

1. कोर टीम का विस्तार:
कोर टीम में अब और भी शिक्षकों को जोड़ा जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा अनुभवी और सक्रिय शिक्षक नीति-निर्माण से जुड़ सकें।

2. संचालन समिति में जिला प्रतिनिधित्व जरूरी:
निर्णय लिया गया कि हर जिले से कम से कम एक या दो शिक्षक संचालन समिति का हिस्सा होंगे, जिससे ज़मीनी स्तर की आवाज़ भी फैसलों में शामिल हो सके।

3. अब ब्लॉक स्तर होगी बुनियादी इकाई:
जिला समन्वयक और सह-समन्वयक की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। अब ब्लॉक स्तर पर टीम गठित की जाएगी। इसका मकसद है कि शिक्षक संदर्भ समूह की पहुंच अंतिम छोर तक के शिक्षकों तक आसान हो सके।

4. ‘मेरा विद्यालय मेरी पहचान’ अभियान जारी रहेगा:
इस अभियान के अंतर्गत सभी शिक्षकों को अपने-अपने विद्यालय को आनंद घर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

5. 25 दिसंबर 2025 के लिए तैयारी शुरू:
सभी जिलों में इस दिन कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया है, ताकि एकरूपता के साथ इस आयोजन को सफल बनाया जा सके।

6. ‘प्रणाम विद्यालय, प्रणाम शिक्षक’ अभियान की शुरुआत:
इस अभियान की शुरुआत इंदौर से हो चुकी है और इसे पूरे प्रदेश में गुरु पूर्णिमा के दिन से लागू किया जाएगा।

7. शिक्षक संसद का गठन होगा:
शिक्षकों की आवाज़ को एक साझा मंच देने के उद्देश्य से ‘शिक्षक संसद’ का गठन प्रस्तावित है।

8. 100 दिवस की पाठ्य सामग्री तैयार होगी:
प्रदेश के 1000 स्कूलों में 100 दिनों की विशेष शिक्षण योजना के तहत काम किया जाएगा। इसका मकसद ‘निपुण भारत’ के लक्ष्यों को हासिल करना है।

9. कोर टीम की जिम्मेदारियां तय होंगी:
कोर टीम के कार्यदायित्व स्पष्ट रूप से तय किए जाएंगे ताकि जिम्मेदारी के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके।

10. जनप्रतिनिधियों की भागीदारी:
संचालन समिति में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर उनके विचारों को महत्व देने का निर्णय लिया गया है।

11. पुस्तक लेखन और संपादन समिति का गठन:
शैक्षणिक सामग्री के विकास हेतु एक संपादक समिति बनाई जाएगी।

12. FLN (Foundational Literacy and Numeracy) समिति का गठन:
बुनियादी साक्षरता और गणना कौशल को लेकर एक अलग समिति बनाई जाएगी, जो मिशन मोड में काम करेगी।

कार्यशाला में शामिल सभी शिक्षकों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उमा उपाध्याय ने कहा कि यह सारे निर्णय आने वाले समय में प्रदेश के शिक्षण क्षेत्र को एक नई दिशा देंगे।

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