जयपुर, 16 दिसंबर 2025। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भारत गौरव ट्रेन योजना को भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया है। भारत गौरव ट्रेनों के संचालन को लेकर उनके द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने इस योजना की उपलब्धियों और इसके दूरगामी प्रभावों को रेखांकित किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन को अवगत कराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नवंबर 2021 में ‘भारत गौरव ट्रेन’ नीति लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य थीम-आधारित पर्यटन के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना है।
मदन राठौड़ ने बताया कि इस नीति के अंतर्गत पर्यटन सेवा प्रदाताओं को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे बाजार की मांग और व्यावसायिक व्यवहार्यता के अनुसार यात्रा कार्यक्रम तैयार कर सकें। इसके चलते धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सर्किटों पर आधारित विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। राजस्थान जैसे पर्यटन-समृद्ध राज्य के प्रमुख स्थलों को भी इन सर्किटों में प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे राज्य के पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिल रहा है।
राठौड़ ने कहा कि भारत गौरव ट्रेन योजना से देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्कता मजबूत हुई है और घरेलू पर्यटन को नई गति मिली है। अब तक भारतीय रेल के 11 जोनों में 22 सेवा प्रदाता पंजीकृत किए जा चुके हैं, जो 12 रेकों का संचालन कर रहे हैं। इन ट्रेनों के माध्यम से 30 नवंबर 2025 तक कुल 590 यात्राएँ संचालित की गई हैं, जिनमें 3 लाख 62 हजार 880 से अधिक पर्यटकों ने यात्रा की। ये यात्राएँ देश के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख पर्यटन स्थलों को कवर कर चुकी हैं।
मदन राठौड़ ने भारत गौरव ट्रेनों को मोदी सरकार की “विरासत भी, विकास भी” की सोच का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी को बढ़ावा देकर सरकार ने न केवल रेलवे और पर्यटन सेवाओं को आधुनिक बनाया है, बल्कि स्थानीय रोजगार, होटल, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य सहायक क्षेत्रों को भी मजबूती दी है। उनके अनुसार, भारत गौरव ट्रेन योजना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में एक ठोस कदम है, जो भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।










